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मंगला गौरी स्तोत्र (Mangla Gauri Stotram) देवी पार्वती को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी स्तोत्र है。वैवाहिक सुख, अखंड सौभाग्य और सभी प्रकार के संकटों के निवारण के लिए मंगलवार के दिन इस स्तोत्र का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। * मंगला गौरी स्तोत्र ॐ रक्ष-रक्ष जगन्माते देवि मङ्गल चण्डिके। हारिके विपदार्राशे हर्षमंगल कारिके।। हर्षमंगल दक्षे च हर्षमंगल दायिके। शुभेमंगल दक्षे च शुभेमंगल चंडिके।। मंगले मंगलार्हे च सर्वमंगल मंगले। सता मंगल दे देवि सर्वेषां मंगलालये।। पूज्ये मंगलवारे च मंगलाभिष्ट देवते। पूज्ये मंगल भूपस्य मनुवंशस्य संततम्।। मंगला धिस्ठात देवि मंगलाञ्च मंगले। संसार मंगलाधारे पारे च सर्वकर्मणाम्।। देव्याश्च मंगलंस्तोत्रं यः श्रृणोति समाहितः। प्रति मंगलवारे च पूज्ये मंगल सुख-प्रदे।। तन्मंगलं भवेतस्य न भवेन्तद्-मंगलम्। वर्धते पुत्र-पौत्रश्च मंगलञ्च दिने-दिने।। मामरक्ष रक्ष-रक्ष ॐ मंगल मंगले। ।।इति मंगलागौरी स्तोत्रं सम्पूर्णं।।

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