
Rama Devi Sahu
315 days ago
... 🙏 ~ निवेदन ~ 🙏 ⨌⨌ 🪔 ⨌⨌ मैं मिट्टी का हूँ छोटा सा दीया, मेरी बातों पर गौर करो. दीपावली पर अपने घर में, दीयों का प्रकाश भरो. बाजारों और गलियों में .. मैं जगह-जगह हूँ बिक रहा. मुझे बेचने वालों को भी ... मुड़कर तुम देखो तो जरा. मिट्टी से जिसने मुझे इस, दीपक रूप में है गढ़ा. उनके हाथों ही मैं सम्भला, और रोशनी देने के काबिल बना. मुझे अपना कर्तव्य निभाने के लिये, अपने खरीददारों से कहना है. मुझे बाज़ारों से निकलकर आपके घरों में जलते रहना है. मन ही मन दुआ करता रहता हूँ, कि आज मैं बिक जाऊँ. ● चार पैसे ● मुझे बनाने वालों के हाथों में ... मैं भी देख पाऊँ. जिनके हाथों ने मुझे बनाने में मेहनत-मशक्कत की है. मुझे तपाने की खातिर गर्मी की तपन अपने चेहरों पर ली है. रंगों से सने हाथों में ... मुझेे रंगते हुये, हजार सपने जो देखा करते हैं. रात-दिन घर में बस चार पैसे आने की आस लगाया करते हैं. उन चार पैसों में भी तुम, बाजार में क्यों ... मोल-भाव करते हो ? मिट्टी से दीपक कैसे बनता ... उस मेहनत को कहाँ समझते हो ? आज मैं वही 🪔 'मिट्टी का दीया' 🪔 प्रार्थी बनकर प्रार्थना करता हूँ. दीपावली के शुभ अवसर पर हर घर में जलना चाहता हूँ. बिन मोल-भाव के मुझे इस दीपावली अपने घर लेकर जाना. मुझे बेचने वालों के सपने तुम सच करके दिखलाना. मुझे घर-घर में जलाने से, जो ... उजियारा होगा. कितने ही दीपक बनाने वालों का भी ... सहारा होगा. नन्हें से दीपक का मोल ... न लगाना कभी. किसी के चेहरे को मुस्कान देकर मुझे बाजारों से ... घर ले जाना सभी. दीपावली का त्यौहार ... परम्परागत मिट्टी के दीपक जलाकर ही मनायें. 💐🪔 ♨ 🪔💐 ●▬▬ஜ۩ ۞ ۩ஜ▬▬● दीपावली की ख़रीददारी उन्हीं से करें, जो दीपावली मनाते हैं. *●▬▬ஜ۩ 🪔 ۩ஜ▬▬●* ︶︸︶︸︶︸︶︸︶︸︶

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Oct 19, 2025
Ji Namaste 🙏 Dhanyawad 🥀🌹🥀

Rohit Patel
Oct 19, 2025
✔️👏👏👏👌
