
Rama Devi Sahu
91 days ago
बाहर से देखें तो लगता है—“#मिलन की रात आई ही नहीं…” पर बेहद दृष्टि कहती है कि“वह रात आई… पर भीड़, शोर, और दिखावे के बिना आई… ! न पूर्ण जागृति है… न पूरा अंधेरा." यही तो सबसे रहस्यमय अवस्था है न पूरी नींद (अज्ञान) है न पूरी जागृति (ज्ञान) है,बीच की स्थिति है जहाँ चेतना स्थिर हो जाती है.इसी को कहते हैं #मौन की रात्रि… जहाँ मिलन घटित होता है.इस गीत का असली भाव हुआ कि.. “अगर दुनिया को हमारा मिलन दिखा नहीं… तो क्या हुआ?हमने उस रात्रि में मिलन कर लिया, जहाँ न प्रकाश था, न अंधकार…सिर्फ प्रेम था…” 🎵 “#सजी नहीं बारात तो क्या.. आई न मिलन की रात तो क्या?” यहाँ बारात, रस्में, मिलन की रात . ये सब बाहरी दुनिया (देह-अभिमान, समाज, परिस्थितियाँ) के प्रतीक हैं.आत्मा कहती है कि अगर बाहरी मिलन नहीं हुआ, तो क्या हुआ? सच्चा मिलन तो भीतर की चेतना में होता है.जब आत्मा साक्षी बनकर अपने ही अस्तित्व में टिकती है,तो उसे किसी बाहरी आयोजन की ज़रूरत नहीं रहती. 💫 “#प्यार किया तेरी यादों से” यह प्रेम किसी शरीर से नहीं,उस चेतना से है जो निरंतर याद (स्मृति) में जीवित है.यहाँ “याद” ही “योग” है.आत्मा जब परम चेतना को याद करती है,तो वही याद प्रेम बन जाती है, भक्ति बन जाती है, मिलन बन जाती है. 🔗 “#गठबंधन तेरे वादों से” यहाँ गठबंधन कोई धागा नहीं,यह आत्मा का संकल्प है — सत्य से जुड़ने का.आत्मा ने उन वचनों को पकड़ लिया, वही उसका अटूट बंधन बन गया. 🔥 “#बिन फेरे हम तेरे…” बिना किसी बाहरी क्रिया, बिना किसी विधि-विधान के भी, आत्मा उस परम चेतना की हो चुकी है.जहाँ “मैं” और “तू” का भेद मिट जाता है,वहाँ कोई फेरे नहीं, कोई रस्म नहीं .केवल एकत्व (इश्क) रह जाता है.लेकिन #इश्क...मोहब्बतें के बाद की निर्णायक स्टेज है. कृष्ण की आत्मा अपनी ही चेतना से कहती है... “#राधे… मैंने तुझे पाने के लिए दुनिया के समान अग्नि के सामने कोई स्थूल फेरे नहीं लिए,क्योंकि मैंने तुझे अपने भीतर पा लिया….” 💫 यही है “#मोहब्बतें यह इश्क नहीं, यह मोहब्बत है… क्यों? #इश्क में “मैं” मिट जाता है #मोहब्बत में शुद्ध “मैं” रहता है… पर पूरी तरह उसमें डूबा हुआ.

Comments (4)

Rama Devi Sahu
May 31, 2026
🌹🌹 Good Evening 🌆 Jai Shree Shyam 🌹🌹

Rama Devi Sahu
May 31, 2026
🌹🌹 Good Evening 🌆 Chay ke Sath Biskit mat Bhulna... Hna thoda Namkeen bhi...

Rakesh Kumar
May 31, 2026
jai shree shyam 🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
May 31, 2026
शुभ संध्या, सोने से पहले अच्छा समय बिताएं।
