
Saumya Sharma
2 days ago
जय श्री लक्ष्मीनारायण जी 🙏🌹☺️ हर हर महादेव 🙏🌹☺️ आप सभी को अजा एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 अजा एकादशी की पौराणिक कथा सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के जीवन और उनके द्वारा किए गए एकादशी व्रत के प्रभाव से जुड़ी है..... अजा एकादशी व्रत कथा पौराणिक कथा के अनुसार, द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम और उसका महत्व जानने की जिज्ञासा प्रकट की। तब श्री कृष्ण ने उन्हें 'अजा एकादशी' की कथा सुनाई। प्राचीनकाल में अयोध्यापुरी में हरिश्चंद्र नामक एक प्रतापी चक्रवर्ती राजा राज करते थे। वे सत्यप्रतिज्ञ और अपने वचन के पक्के थे। पूर्व जन्म के कर्मों के फल स्वरूप एक समय उन्हें अपना सारा राजपाट दान करना पड़ा। स्थिति यह हो गई कि उन्हें अपनी पत्नी और पुत्र को बेचना पड़ा और स्वयं एक चांडाल के यहाँ दास के रूप में काम करना पड़ा। वे श्मशान में मुर्दों का कफन लिया करते थे, लेकिन इन भीषण कष्टों में भी उन्होंने सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा। इतने भयंकर दुखों से घिरे होने के कारण राजा हरिश्चंद्र हर समय चिंता में डूबे रहते थे कि उनका उद्धार कैसे होगा। तभी एक दिन उनके पास महर्षि गौतम आ पहुँचे। राजा ने महर्षि को प्रणाम किया और रोते हुए अपनी सारी दुखभरी कहानी सुना दी। राजा की करुणाजनक स्थिति को देखकर महर्षि गौतम ने उन्हें सांत्वना दी और कहा कि तुम्हारे भाग्य से आज से ठीक सात दिन बाद भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की 'अजा' नाम की एकादशी आने वाली है। आप विधि-विधान पूर्वक इस एकादशी का व्रत करें और रात्रि में जागरण करें। महर्षि गौतम ने बताया कि इस व्रत के पुण्य प्रभाव से आपके समस्त पाप और दुख नष्ट हो जाएंगे। इतना कहकर महर्षि अंतर्ध्यान हो गए। राजा हरिश्चंद्र ने मुनि के बताए अनुसार ठीक उसी प्रकार विधि-विधान से अजा एकादशी का व्रत और रात्रि जागरण किया। व्रत के प्रभाव से राजा के सभी पाप नष्ट हो गए।

Comments (33)

Saumya Sharma
Sep 8, 2026
Good morning bhai g 🙏🌹☺️ Have a great day ahead with the grace of God 🙏🌹☺️

Ramesh chand
Sep 7, 2026
❤️Saumya Sharma Sis ji 🌹🙏 Good Morning 🌹

Saumya Sharma
Sep 7, 2026
हर हर महादेव 🙏 जय शिव शक्ति 🙏 बाबा भोलेनाथ और मां आदिशक्ति भवानी जी की कृपा आप पर सदैव ही बनी रहे 🙏 शुभ रात्रि विश्राम भाई जी 🙏🌹☺️

LALAN KUMAR
Sep 7, 2026
ॐ नमः शिवाय जी

Saumya Sharma
Sep 7, 2026
बहुत ही सुंदर, सत्य कथन हैं 👌👌👌🙏🌹☺️ शुभ रात्रि विश्राम मेरी प्यारी दी 🙏 आने वाला दिन आपके लिए शुभ फलदाई व मंगलमय रहे 🙏 यही प्रार्थना है 🙏🌹☺️

Rama Devi Sahu
Sep 7, 2026
🕉️ ॐ — न कोई आदि, न कोई अंत। 🕉️ जो सत्य है, वह सदा है। जो आत्मा है, वह अजन्मा है। शरीर बदलता है, आत्मा नहीं। समय बदलता है, परम सत्य नहीं। अहंकार मिटता है, सत्य शेष रहता है। धर्म की राह कभी व्यर्थ नहीं जाती। प्रेम और सेवा ही जीवन की सच्ची साधना है। 🙏 सत्संग से सत्य को जानो, भक्ति से उसे जियो। 🙏 🕉️ ॐ तत्सत् — ॐ शांति।🕉️

Saumya Sharma
Sep 7, 2026
हर हर महादेव 🙏 जय शिव शक्ति 🙏 बाबा भोलेनाथ और मां आदिशक्ति भवानी जी की कृपा से आप सदैव स्वस्थ और खुशहाल रहें 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ संध्या वंदन भाई जी 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Sep 7, 2026
जय श्री लक्ष्मीनारायण जी 🙏 आपको एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं भाई जी 🙏🌹☺️हिंदू पौराणिक ग्रंथों (विशेषकर पद्म पुराण) के अनुसार, देवी एकादशी की उत्पत्ति भगवान विष्णु के शरीर से मुर नामक राक्षस का वध करने के लिए हुई थी। पौराणिक कथा और उत्पत्ति मुर राक्षस का आतंक: सत्ययुग में मुर नाम का एक शक्तिशाली दानव था। उसने इंद्र सहित सभी देवताओं को हरा दिया था और उन्हें स्वर्ग से बाहर निकाल दिया था। भगवान विष्णु का युद्ध: सभी देवता भयभीत होकर भगवान विष्णु के पास गए। भगवान विष्णु ने मुर राक्षस के साथ कई वर्षों तक युद्ध किया। गुफा में विश्राम: युद्ध से थककर भगवान विष्णु बद्रीनाथ के पास हेमवती (एकादशी) गुफा में विश्राम करने (योगनिद्रा में) चले गए। दिव्य शक्ति का प्रकट होना: सोते हुए भगवान विष्णु पर जब मुर राक्षस ने आक्रमण करना चाहा, तब भगवान के शरीर से एक अद्भुत दिव्य और तेजस्विनी कन्या प्रकट हुई। राक्षस का वध: उस देवी ने अपनी हुंकार और युद्ध से मुर राक्षस को वहीं भस्म कर दिया। एकादशी नामकरण: नींद से जागने पर भगवान विष्णु ने जब राक्षस का वध देखा, तो वे उस कन्या से बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने उसका नाम 'एकादशी' रखा क्योंकि वह एकादशी तिथि को प्रकट हुई थी। वरदान: भगवान विष्णु ने देवी एकादशी को वरदान दिया कि जो भी व्यक्ति इस तिथि पर व्रत रखेगा, उसके सभी पाप नष्ट होंगे और उसे अंत में मोक्ष प्राप्त होगा।

R k jangid phulera Jaipur
Sep 7, 2026
श्री भोलेनाथ जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे शुभ संध्या वंदन 🌹🙏

R k jangid phulera Jaipur
Sep 7, 2026
जय श्री लक्ष्मी नारायण जी की🌹🙏
