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Rama Devi Sahu

2 days ago

"सर्वे भवन्तु सुखिनः" (Sarve Bhavantu Sukhinah) एक प्राचीन भारतीय (वैदिक) प्रार्थना है, जिसका अर्थ है - "सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त (निरोगी) रहें, सभी का कल्याण हो और कोई भी दुःख का भागी न बने"। यह श्लोक समग्र कल्याण और वसुधैव कुटुम्बकम् (विश्व एक परिवार है) की भावना को दर्शाता है। पूरा श्लोक: ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दु:खभाग् भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ अर्थ: सर्वे भवन्तु सुखिनः: सभी सुखी हों (Let all be happy)। सर्वे सन्तु निरामयाः: सभी निरोगी/स्वस्थ रहें (Let all be free from disease)। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु: सभी कल्याणकारी (शुभ) देखें (Let all see good)। मा कश्चिद् दु:खभाग् भवेत्: कोई भी दुःखी न हो (May no one suffer)। महत्व: यह मंत्र विश्व स्वास्थ्य, शांति और भाईचारे की कामना करता है। यह भारतीय संस्कृति के 'सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया' के मूल सिद्धांत को दर्शाता है। यह प्रार्थना व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर सबकी भलाई की बात करती है।

Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 5, 2026

Shubha Ratri! 🌜 Om Namah Shivaya 🙏🔱 Good Night Everyone! Have a,sweat dream 🙏🫡❤️👍

Jaganath  Singh

Jaganath Singh

Oct 5, 2026

🙏🌹🙏 ଜୟ ଶିବ ଶଙ୍କର 🙏🌹🙏 ଶୁଭ ସନ୍ଧ୍ୟା ର ଶୁଭ ଅଭିନନ୍ଦନ 🙏