
Rama Devi Sahu
204 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 07 फरवरी 2026* *⛅दिन - शनिवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - शिशिर* *⛅मास - फाल्गुन* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - षष्ठी रात्रि 02:54 फरवरी 08 तक तत्पश्चात् सप्तमी* *⛅नक्षत्र - चित्रा रात्रि 02:28 फरवरी 08 तक तत्पश्चात् स्वाती* *⛅योग - शूल रात्रि 11:41 तक तत्पश्चात् गण्ड* *⛅राहुकाल - सुबह 09:53 से सुबह 11:17 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 07:04* *⛅सूर्यास्त - 06:18 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:22 से प्रातः 06:13 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:19 से दोपहर 01:04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:15 फरवरी 08 से रात्रि 01:06 फरवरी 08 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वार्थसिद्धि योग (रात्रि 02:28 फरवरी 08 से प्रातः 07:04 फरवरी 08 तक), माँ यशोदा जयंती* *🌥️विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातून मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹14 फरवरी : मातृ-पितृ पूजन दिवस क्यों ?🔹* *🔸माता-पिता ने हमसे अधिक वर्ष दुनिया में गुजारे हैं, उनका अनुभव हमसे अधिक है और सदगुरु ने जो महान अनुभव किया है उसकी तो हमारे छोटे अनुभव से तुलना ही नहीं हो सकती । इन तीनों के आदर से उनका अनुभव हमें सहज में ही मिलता है। अतः जो भी व्यक्ति अपनी उन्नति चाहता है, उस सज्जन को माता-पिता और सदगुरु का आदर पूजन आज्ञापालन तो करना चाहिए, चाहिए और चाहिए ही !* *🔸१४ फरवरी को 'वेलेंटाइन डे' मनाकर युवक-युवतियाँ प्रेमी-प्रेमिका के संबंध में फँसते है। वासना के कारण उनका ओज-तेज दिन दहाड़े नीचे के केन्द्रों में आकर नष्ट होता है । उस दिन 'मातृ-पितृ पूजन' काम-विकार की बुराई व दुश्चरित्रता की दलदल से ऊपर उठाकर उज्जवल भविष्य, सच्चरित्रा, सदाचारी जीवन की ओर ले जायेगा ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*


Comments (2)

Rohit Patel
Feb 7, 2026
जी रमा जी नमस्कार जी 🌹📿🙏💞💞 जय श्री राम 🪷 जय सियाराम 🪷 जय वीर बजरंगी हनुमान 🌹📿🙏💞

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 7, 2026
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।" पूजा की विधि शनिवार के दिन स्वच्छ कपड़े पहनकर शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं. ऊपर दिए गए मंत्रों का 108 बार जाप करें। काले तिल, उड़द की दाल का दान करें.
