
Rama Devi Sahu
391 days ago
🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏 Dt.04.08.2025 (Monday) ***************************** || जय श्री राधा माधव || बाहरी पूजा-पाठ और अनुष्ठानों के साथ-साथ आंतरिक शुद्धता व शारीरिक संयम भी आवश्यक है। यदि हमारा मन और शरीर पवित्र नहीं है, तो हमारे पूजा-पाठ और अनुष्ठानों का कोई अर्थ नहीं है। इसलिए हमें अपने जीवन में आंतरिक शुद्धता और आत्म-शुद्धि पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। आंतरिक शुद्धता प्राप्त करने के लिए हमें अपने विचारों व भावनाओं पर और शारीरिक पवित्रता के लिए अपने कर्मों पर ध्यान देना होगा और उन्हें सकारात्मक और पवित्र बनाने का प्रयास करना होगा। तभी हमारे पूजा-पाठ और अनुष्ठानों का सही अर्थ और महत्व होगा। सबसे पहले *व्यभिचार, नशा-मांसाहार, झूठ, छल-कपट, सट्टा-जुआ आदि बुरी आदतों को छोड़ना होगा।* सभी प्राणियों में ईश्वर को देखना होगा, मन में दूसरों के प्रति संवेदनशीलता व विनम्रता का भाव रखना होगा। तभी हम ईश्वर के प्रिय बन पाएंगे और हमारा कल्याण होगा। *****************
Comments (1)

Girish Kumar
Aug 4, 2025
🙏Jai Shri Radhey Krishna 🙏 Om Namh Shivay 🙏 Sawan Ke Antim Somwar Ki Hardik Shubhkamnaye 🙏Shubh Prabhat Vandan 🙏 🙏
