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*तिरुवल्लुवर प्रतिमा - भारतीय ज्ञान और संस्कृति की विराट पहचान* तीन समुद्रों के संगम पर स्थित तिरुवल्लुवर प्रतिमा, भारतीय ज्ञान, साहित्य और नैतिक चिंतन की विराट प्रतीक मानी जाती है. 133 फुट ऊँची यह प्रतिमा महान तमिल संत-कवि तिरुवल्लुवर को समर्पित है, जिन्होंने “तिरुक्कुरल” के माध्यम से धर्म, नीति और जीवनमूल्यों का संदेश दिया. प्रतिमा की ऊँचाई तिरुक्कुरल के 133 अध्यायों का प्रतीक मानी जाती है, जो मानव जीवन के संतुलन, सदाचार और कर्तव्य की शिक्षा देते हैं. समुद्र की लहरों के मध्य अडिग खड़ी यह प्रतिमा, भारत की प्राचीन विद्वता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का भव्य स्वरूप है। *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳*

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