
Rama Devi Sahu
84 days ago
**श्रीमद्भगवद्गीता** **18 अध्याय, 18 संदेश** अध्याय 1: मोह ही दुख का कारण है। अध्याय 2: आत्मा अमर है, मृत्यु का डर छोड़ो। अध्याय 3: कर्म करो, फल की चिंता मत करो। अध्याय 4: ज्ञान से ही अज्ञान का अंधेरा मिटता है। अध्याय 5: शांति अपने भीतर ही खोजो। अध्याय 6: मन को जीतना ही सबसे बड़ी जीत है। अध्याय 7: श्रद्धा ही ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग है। अध्याय 8: अंत समय में जैसा भाव, वैसी ही गति। अध्याय 9: परमात्मा हर कण में वास करते हैं। अध्याय 10: ईश्वर ही सृष्टि का आदि और अंत है। अध्याय 11: काल के सामने सब विवश हैं, बस निमित्त बनो। अध्याय 12: भक्ति ही परम सत्य का मार्ग है। अध्याय 13: शरीर क्षेत्र है, और आत्मा उसका ज्ञाता। अध्याय 14: गुणों से ऊपर उठकर ही मुक्ति संभव है। अध्याय 15: परमात्मा ही संसार रूपी वृक्ष की जड़ हैं। अध्याय 16: अहंकार का त्याग करो, दैवीय गुण अपनाओ। अध्याय 17: जैसी तुम्हारी श्रद्धा होगी, वैसे तुम बनोगे। अध्याय 18: सब कुछ ईश्वर को सौंप दो, वही तुम्हें बचाएँगे।
Comments (6)

Rama Devi Sahu
Jun 6, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubha Ratri Vishram Ji 🌹 Aap ka Ratri Sukhd or Mangalmay Ho 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jun 6, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubha Ratri Vandan Ji 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jun 6, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🌹 Shubha Ratri Vandan Ji 🌹🌹

बरखा शर्मा
Jun 6, 2026
जय श्री कृष्णा शुभ रात्रि राधे राधे जी🌷

Riya Riya 💖💖
Jun 6, 2026
🌹🙏 Jai Shree Banke Bihari Lal Ki 🙏❤️🙏 Jai Shree Krishna 🌿🦚🌹 Shubh Sandhya Vandan Sister Ji 🙏🌹🪷💞💕

