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Rama Devi Sahu

449 days ago

🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 " Nirjala Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye"🙏🙏🌹 *पांडव निर्जला एकादशी* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩 पांडव निर्जला एकादशी एक विशेष एकादशी है, जो ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में पड़ती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और निर्जला व्रत रखा जाता है, जिसमें बिना पानी पिए व्रत रखा जाता है। *महत्व और लाभ* इस एकादशी का महत्व बहुत अधिक है, और इसका पालन करने से सभी एकादशियों के पुण्य प्राप्त होते हैं। भगवान विष्णु ने स्वयं व्यासदेव से कहा था कि जो कोई इस एकादशी का व्रत रखता है, वह सभी एकादशियों के पुण्य प्राप्त करता है। उन्होंने कहा, "संपूर्ण वर्ष में जितनी भी एकादशियाँ होती हैं, उनके पुण्य का फल इस एकादशी के व्रत से प्राप्त हो जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है।" *भीम की कहानी* भीमसेन, जो कि पांडवों में से एक थे, ने व्यासदेव से पूछा था कि वह सभी एकादशियों के पुण्य कैसे प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि वह व्रत रखने में असमर्थ थे। भीम ने कहा, "हे मेरे दादा, मेरे भाई युधिष्ठिर, मेरी माता कुंती, और मेरी पत्नी द्रौपदी सभी एकादशियों पर व्रत रखते हैं और मुझे भी व्रत रखने के लिए कहते हैं। लेकिन मैं व्रत नहीं रख सकता, क्योंकि मुझे भूख बहुत लगती है। कृपया मुझे बताएं कि मैं कैसे सभी एकादशियों के पुण्य प्राप्त कर सकता हूँ।" व्यासदेव ने भीम को बताया कि निर्जला एकादशी का व्रत रखने से वह सभी एकादशियों के पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "यदि तुम स्वर्ग में जाना चाहते हो और नरक से बचना चाहते हो, तो तुम्हें इस एकादशी का व्रत रखना चाहिए।" *भीम के पेट की आग* भीम ने व्यासदेव से कहा, "मेरे पेट में वृक नामक आग है, जो पाचन के लिए जिम्मेदार है। जब मैं खाना खाता हूँ, तो यह आग शांत होती है। यदि मैं व्रत रखूँगा, तो यह आग मुझे परेशान करेगी।" व्यासदेव ने भीम को समझाया कि निर्जला एकादशी का व्रत रखने से वह अपने पेट की आग को भी नियंत्रित कर सकता है और सभी एकादशियों के पुण्य प्राप्त कर सकता है। *व्रत का पालन* इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और निर्जला व्रत रखा जाता है। व्रत के दौरान बिना पानी पिए रहना होता है, लेकिन कुछ मामलों में चरमृत और आचमन जल लेने की अनुमति होती है। द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को जल से भरे घड़े दान करने और उन्हें भोजन कराने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। *निष्कर्ष* पांडव निर्जला एकादशी एक महत्वपूर्ण व्रत है, जो ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में पड़ती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और निर्जला व्रत रखा जाता है। इसका पालन करने से सभी एकादशियों के पुण्य प्राप्त होते हैं, और यह व्रत रखने वालों को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। हरे कृष्ण 🚩🚩🚩

Comments (2)

Deepak  karki

Deepak karki

Jun 7, 2025

निर्जला एकादशीको हार्दिक शुभकामना राधे राधे जि

प्रभा त्रिपाठी

प्रभा त्रिपाठी

Jun 7, 2025

जय श्री राम राम राम सीताराम सीताराम 🙏