
Rama Devi Sahu
281 days ago
•¡✽🍃◆🌸🫐🌸◆🍃✽¡• 9️⃣0️⃣ 🌹 *।। मधुराष्टकम् ।।*🌹 ‼️ *अधरं मधुरं वदनं मधुरं, नयनं मधुरं हसितं मधुरम् । हृदयं मधुरं गमनं मधुरं, मधुराधिपते-रखिलं मधुरम् ।।१ ।।* 🪷 *हसितं मधुरम्..... प्रभुका "हास्य" मधुर है ।* जैसे ही प्रभु ने आंखें बंद करी तो राधा जी ने क्या युक्ति करी l राधा जी ने अपनी सखियों से कहा कि आसपास बहुत सारी मोगरे की कलियां खिली हैl ऐसा करो कि चौतरे के ऊपर अलग-अलग मोगरे की कलियों के ढेर कर दो l 🪷 सारी सखियां भागती भागती गई और मोगरे की कली एकत्रित करके लाई और उस चौतरे पर अलग-अलग मोगरे की कलियों के ढेर उन्होंने बना दिए l 🪷 सखियों ने कहा ,अब क्या करें l राधा जी ने कहा एक-एक सखी एक-एक देर के अंदर घुस जाओ l सब सखियां एक-एक देर के अंदर घुस गईl राधा जी भी एक ढेर के अंदर घुस गईl सखियों ने कहा प्रभु अब नेत्र खोलोl प्रभु ने जैसे ही नेत्र खोले सब सखा कहने लगे अब हम राधा जी को कैसे ढूंढेंगे l *श्रीमद् वल्लभाचार्यजी द्वारा रचित मधुराष्टकम् का *प•पू• श्रीयदुनाथ जी महोदय श्री के वचनामृत का आश्रय लेते हुए भावानुवाद* क्रमशः........ &﹏*))🌸((*﹏& •🌸🫐🌸• *•🍃कृष्णमयीरात्रि🍃•* *🫐श्री कृष्णायसमर्पणं🫐* *•🍃जैश्रीराधेकृष्ण🍃•* •🌸🫐🌸• &﹏*))🌸((*﹏& •¡✽🍃◆🌸🫐🌸◆🍃✽¡•

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