
Rama Devi Sahu
133 days ago
अक्षय तृतीया, जिसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है. अक्षय तृतीया सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र, शुभ और पुण्यदायी पर्व है. इस दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती है. इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय, संपत्ति खरीद और दान-पुण्य जैसे सभी मांगलिक कार्य करने विशेष फलदायी माने जाते हैं। #अक्षय_तृतीया_तिथि_शुभ_मुहूर्त: साल 2026 में अक्षय तृतीया की तिथि को लेकर 19 और 20 अप्रैल के बीच भ्रम बना हुआ है. पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल (रविवार) को दोपहर 1 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल (सोमवार) सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक रहेगी. धर्म शास्त्रों के अनुसार, युगादि तिथियों का निर्धारण उदयकाल (सूर्योदय के समय की तिथि) के आधार पर किया जाता है. चूंकि 20 अप्रैल को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि मौजूद रहेगी. इसलिए शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाना ही सही और मान्य माना गया है। #अक्षय_तृतीया_पर_खरीदारी_का_शुभ_मुहूर्त: 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने का सबसे विशेष मुहूर्त सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर 20 अप्रैल की सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा. #इसके_अलावा_खरीदारी_के_लिए_चौघड़िया_मुहूर्त_भी_हैं- #प्रात: मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक #अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 35 मिनट तक. #सायाह्न मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - शाम 06 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 57 मिनट तक #इस_दिन_खरीदें_ये_सस्ती_चीजें: अक्षय तृतीया पर अगर आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं तो इस दिन धनिया के बीज, तांबे के बर्तन, लाल कपड़ा, चावल, घी, मिट्टी का घड़ा, दीये, गमले, मिट्टी के बर्तन और छोटी मूर्तियां खरीद सकते हैं. #निवेश_और_खरीदारी_का_महत्व: अक्षय तृतीया को सोना-चांदी खरीदना, जमीन या घर लेना, नया व्यवसाय शुरू करना या निवेश करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किया गया निवेश लगातार बढ़ता है और स्थिरता देता है। #इस_दिन_बन_रहे_हैं_ये_शुभ_योग: #गजकेसरी_योग: गुरु और चंद्रमा की युति से बनने वाला यह योग धन और समृद्धि बढ़ाने वाला माना जाता है। #त्रिपुष्कर_योग: इस योग में किए गए काम का कई गुना फल मिलने की मान्यता है. #सर्वार्थ_सिद्धि_योग: किसी भी काम की शुरुआत के लिए बेहद शुभ, सफलता के संकेत देता है. #शश_और_मालव्य_योग: ये योग जीवन में सुख-सुविधाएं और करियर में ग्रोथ लाते हैं। #रवि_योग: सम्मान और स्वास्थ्य में सुधार का संकेत देता है। #अक्षय_तृतीया_का_महत्व: अक्षय शब्द का अर्थ होता है- जो कभी समाप्त न हो. मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, तप और पुण्य कर्मों का फल कभी खत्म नहीं होता, बल्कि लगातार बढ़ता रहता है. इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है. खासकर जल, सत्तू, वस्त्र और अन्न का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है. पितरों के लिए किए गए कर्म भी इस दिन अक्षय फल प्रदान करते हैं। #अक्षय_तृतीया_की_पूजा_विधि: अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. साफ वस्त्र धारण करें. घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें पीले फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। पूजा के अंत में आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। #अक्षय_तृतीया_के_दिन_क्या_करें: इस दिन सोना, चांदी या कोई भी कीमती वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है. गरीबों को अन्न, जल, वस्त्र या धन का दान करें. घर में जौ या गेहूं लाकर रखना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें और दीपक जलाएं. नए कार्य, व्यवसाय या निवेश की शुरुआत करें।

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