
Rama Devi Sahu
147 days ago
ॐ गण गणपतये नमो नमः 🙏 विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी के विकट स्वरुप की पूजा करनी चाहिए, यह व्रत संकटनाशक है, यह व्रत करने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। विकट संकष्टी चतुर्थी: व्रत की विधि और लाभ - तिथि और समय: विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा, चतुर्थी तिथि 5 अप्रैल को सुबह 11:59 बजे से शुरू होकर 6 अप्रैल को दोपहर 02:10 बजे तक है। व्रत की विधि: - सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और गणपति बप्पा की पूजा के लिए तैयार हो जाएं। - गणपति की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं और धूप दिखाएं। - गणेश मंत्र का जाप करें और गणपति अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ करें। - फल, फूल और मोदक का भोग लगाएं। व्रत के लाभ: - संकटों का निवारण और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति। - बुद्धि, ज्ञान और सफलता में वृद्धि। - मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सकारात्मकता का संचार। इस दिन चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है, इस दिन संध्या के समय चंद्रमा के दर्शन कर शहद, चंदन और रोली मिश्रित दूध से अर्ध्य दें।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Apr 5, 2026
🙏‼️ Om Ganeshay Namah ‼️🙏 Sankashti Chaturthi ki Hardik Shubhkamnaye 🌹🌹

Manoj
Apr 5, 2026
जय गौरी शंकर गणेश
