
Rama Devi Sahu
442 days ago
🙏‼️ Jai Shree Satya Narayan Dev ‼️🙏 ***************************************** 🙏 जय श्री सत्य नारायण भगवान 🙏 कोई आवेदन नहीं किया था, किसी की सिफारिश नहीं थी, फिर भी यह *स्वस्थ शरीर प्राप्त हुआ।* सिर से लेकर पैर के *अंगूठे तक,* हर क्षण,*रक्त* प्रवाह हो रहा है। न जाने कौनसा *यंत्र* लगाया है, कि निरंतर *हृदय* धड़कता है...! हजार-हजार मेगापिक्सल वाले, दो-दो *कैमरे* के रूप में, दो दो आँखें, संसार के दृश्य कैद कर रही हैं। *दस-दस हजार* टेस्ट करने वाली,*जीभ !!!* सेंकड़ो *संवेदनाओं* का अनुभव कराने वाली, *त्वचा* नाम की *सेंसर प्रणाली।* अलग-अलग *फ्रीक्वेंसी की,* आवाज पैदा करने वाली,*स्वर प्रणाली।* उन फ्रीक्वेंसी का, *कोडिंग-डीकोडिंग* करने वाले, *कान* नाम के यंत्र, इस शरीर की विशेषता हैं। पचहत्तर प्रतिशत, जल से भरा शरीर, *लाखों रोमकूप होने के बावजूद,* *कहीं भी लीक नहीं होता...!!!* बिना किसी सहारे, मैं *सीधा खड़ा रह सकता हूँ।*. गाड़ी के टायर चलने पर घिसते हैं, पर *पैर के तलवे,* जीवन भर चलने के बाद, आज तक नहीं घिसे। *अद्भुत* ऐसी रचना है। हे परमात्मा, आप ही इसके संचालक हैं, आप हीं निर्माता। *स्मृति, शक्ति, शांति,* *ये सब भगवान आप देते हैं।* आप ही भीतर बैठ कर, *शरीर की संरचना* चला रहे हैं। *अद्भुत* है यह सब, *अविश्वसनीय।* ऐसे *शरीर रूपी* मशीन में हमेशा, आप ही हैं, इसका अनुभव कराने वाली *आत्मा,* भगवान आप हैं। यह आपका खेल मात्र है। मैं आपके खेल का निश्छल, *निस्वार्थ आनंद* का हिस्सा रहूँ ! ऐसी *सद्बुद्धि* मुझे दीजिए ! आप ही यह सब संभालते हैं, इसका *अनुभव* मुझे हमेशा रहे ! प्रतिदिन पल-पल, *कृतज्ञता से आपका ऋणी होने का स्मरण,* चिंतन हो, यही परम पिता के चरणों में प्रार्थना है.. 🙏🙏🌹
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