MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

246 days ago

“राम” को सभी मंत्रों का सार क्यों कहा जाता है। अधिकांश लोग राम का जाप करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग इसकी शक्ति को समझते हैं। यह महज़ एक नाम नहीं है। यह ठोस विज्ञान + आध्यात्मिकता + मोक्ष है। 1️⃣ राम = रा + म प्राचीन ऋषियों ने शब्दों की रचना यूँ ही नहीं की थी। प्रत्येक अक्षर का अपना अर्थ होता है। रा + म = राम और ये दोनों मिलकर दिव्य शक्ति का द्वार खोलते हैं। 2️⃣ रा (र) — अग्नि “रा” अग्नि है। • अशुद्धियों को जलाता है • अहंकार का नाश करता है • पापों और अज्ञान को भस्म करता है संत कबीर ने कहा: “रा वह अग्नि है जो अंधकार को दूर करती है।” 3️⃣ जैसे आग लकड़ी को जलाती है… र कर्मों को जलाता है। र भय को जलाता है। र भ्रम को जलाता है। इसीलिए मौन में भी राम का जाप शक्तिशाली प्रतीत होता है। 4️⃣ आ (आ) — विस्तार दीर्घ स्वर आ केवल सजावट नहीं है। यह दर्शाता है: • आत्मा (स्वयं) • आकाश (स्थान) • चेतना का विस्तार यह हृदय को खोलता है। यह श्वास को ईश्वर से जोड़ता है। 5️⃣ म (म) — करुणा “माँ” शीतलता और पूर्णता प्रदान करती है। • मातृत्व ऊर्जा • करुणा • चंद्रमा जैसी शांति अग्नि से शुद्ध होने के बाद… माँ आपको आलिंगन देती हैं। 6️⃣ एक शब्द में समाहित यात्रा र — जलता है आ — फैलता है म — पूर्णता प्रदान करती है इसीलिए राम का जाप नहीं किया जाता। राम का अनुभव किया जाता है। 7️⃣ इसीलिए… • संत “राम” के वश में रहते थे। • तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखा। • बहुतों के अंतिम शब्द “राम” थे। क्योंकि राम अनंत तक पहुँचने का सबसे छोटा मार्ग है। 8️⃣ नारा नहीं। राजनीति नहीं। राम स्पंदन हैं। राम सत्य हैं। राम मुक्ति हैं। जब आप राम का जाप करते हैं, तो ब्रह्मांड सुनता है। 9️⃣ एक नाम। असीम शक्ति। रा + म = सभी मंत्रों का सार वह ध्वनि जो शुद्ध करती है, विस्तार करती है और एक करती है। 🙏🌺जय श्री राम🌺🙏

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!