
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
54 days ago
*पंढरपुर यात्रा, महाराष्ट्र* महाराष्ट्र के शोलापुर जिले में भीमा नदी के पावन तट पर स्थित पंढरपुर नगरी हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल एकादशी को वैष्णवजनों के कुंभ के रूप में जीवंत हो उठती है. लगभग 700 वर्षों से अनवरत चल रही इस यात्रा की आत्मा है 'वारी', जिसका अर्थ है "निरंतर यात्रा करना". देशभर से लाखों श्रद्धालु पताका और डिंडी लेकर, संत तुकाराम और ज्ञानेश्वर की पालखियों के साथ पदयात्रा करते हैं. ये यात्री वारकरी कहलाते हैं. पंढरपुर की इस यात्रा में जाति, वर्ग, भाषा, भेद नहीं होता, केवल भक्ति का आत्मिक रंग होता है. हर कदम पर भजन, अभंग और सामूहिक प्रेम झंकृत होते हैं. पंढरपुर की वारी केवल तीर्थ नहीं, यह भारत की जीवंत लोक-भक्ति परंपरा का सबसे विशाल और प्रेरक उत्सव है. *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*
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