
Rama Devi Sahu
30 days ago
*सच्ची बातें* *********** *सच्ची खुशी धन, पद, प्रसिद्धि या भौतिक वस्तुओं से नहीं आती। ये सुविधाएँ तो दे सकती हैं, परंतु मन की शांति और स्थायी संतोष नहीं।* *वास्तविक आनंद तब मिलता है जब हम स्वयं को स्वीकार करना सीखते हैं—अपनी खूबियों के साथ अपनी कमियों को भी अपनाते हैं, दूसरों से तुलना करना छोड़ते हैं और अपने व्यक्तित्व का सम्मान करते हैं।* *जो व्यक्ति स्वयं से संतुष्ट नहीं होता, उसे हर उपलब्धि के बाद भी कुछ न कुछ कमी महसूस होती रहती है। लेकिन जो स्वयं से प्रेम करता है, वह साधारण परिस्थितियों में भी असाधारण खुशी का अनुभव करता है*
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