
Rama Devi Sahu
63 days ago
॥ प्रभु वंदन ॥ हे सूर्य देव! हे नारायण!शरण पड़े हम तेरे भगवंत।तेरी स्वर्ण आभा से महके,यह सारा आदि-अनंत। जयति जयति सूयें नारायणा। विरंचि विष्णू शिव रुपाणा।। सूर्य देव की जय-जयकार: हे अंधकार को मिटाने वाले और प्रकाश फैलाने वाले साक्षात सूर्य नारायण! आपकी बार-बार जय हो, आपकी जय-जयकार हो। त्रिदेव स्वरूप: आप कोई साधारण देवता नहीं हैं, बल्कि आप ही ब्रह्मा (विरंचि), विष्णु और शिव के संयुक्त रूप हैं। तीनों शक्तियां एक में: सुबह की लालिमा के रूप में आप ब्रह्मा बनकर सृष्टि की शुरुआत करते हैं, दोपहर की तेज धूप में विष्णु बनकर जगत का पालन करते हैं, और शाम को अस्त होकर शिव की तरह ऊर्जा को समेट लेते हैं। हे सूर्य-नारायण! आपकी दिव्य स्वर्ण आभा से सबका जीवन आलोकित हो। आपके चरणों में कोटि-कोटि नमन। प्रभु, सभी के जीवन से अंधकार दूर कर सुख, समृद्धि और सद्बुद्धि का वरदान दें। 🙏🌟 !!ॐ सुर्य नारायणाय नम!!🌟🙏

Comments (6)

Rama Devi Sahu
Jun 28, 2026
ॐ घृणि सूर्या नमः 💥🙏ॐ नमो श्री आदित्य भास्कराय नमो नमः 💥🙏

Rama Devi Sahu
Jun 28, 2026
ॐ घृणि सूर्या नमः 💥🙏ॐ नमो श्री आदित्य भास्कराय नमो नमः 💥🙏

Rama Devi Sahu
Jun 28, 2026
ॐ घृणि सूर्या नमः 💥🙏ॐ नमो श्री आदित्य भास्कराय नमो नमः 💥🙏

सविता
Jun 28, 2026
दोपहर की हल्की धूप, दिल में नई उम्मीद भर दे, आपकी एक मुस्कान पूरा दिन बेहतर कर दे

प्रेम कुमार
Jun 28, 2026
🌹 ऊं घृणि सूर्य नमः 🌹 शुभ प्रभात वंदन बहना 🌹

Neha singh
Jun 28, 2026
Om Surya Devay Namah 🌻🌼🌻🙏🏻🙏🏻
