
Rama Devi Sahu
68 days ago
14 दिनों के अनवसर काल के बाद 14 जुलाई को भगवान जगन्नाथ अपने नवयौवन रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। इस अवसर पर प्रभु को सफेद वस्त्र पहनाए जाएंगे और परवल के जूस, परवल की मिठाई सहित कई व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। सुबह मंगला आरती से लेकर रात शयन आरती तक श्रद्धालु प्रभु के दर्शन कर सकेंगे। इसके अगले दिन 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा डोली में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। 108 ध्वज, डमरू दल और भक्ति संगीत के बीच यह शोभायात्रा रथयात्रा स्थल पहुंचेगी। इसके बाद 16 जुलाई से तीन दिवसीय रथ यात्रा मेले की शुरुआत होगी। इस बार पहली बार पुरी पीठ की वाराणसी शाखा के संत परंपरा के अनुसार डोली की सफाई, गंगाजल से शुद्धिकरण और पुष्पवर्षा करेंगे। वहीं, मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए नगर निगम ने सख्त नियम लागू किए हैं और रथ यात्रा के पहले दिन से नए मंदिर निर्माण का कार्य भी शुरू किया जाएगा.

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