
Rama Devi Sahu
25 days ago
श्री कृष्ण मोर पंख क्यों धारण करते हैं? श्री कृष्ण मोर पंख क्यों धारण करते हैं, इसके पीछे एक बहुत प्यारी कथा है। कहते हैं वृंदावन में जब श्री कृष्ण बांसुरी बजाते थे, तो उसकी धुन सुनकर वन के सारे मोर आनंद में नाचने लगते थे। एक बार कई दिनों तक नाचने के बाद मोरों के राजा ने अपनी कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में अपना सबसे सुंदर पंख कृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया। कृष्ण ने उस निस्वार्थ प्रेम को इतने प्रेम से स्वीकार किया कि उसे तुरंत अपने मुकुट पर सजा लिया और वचन दिया कि यह पंख हमेशा उनके मुकुट का हिस्सा रहेगा। ये सिर्फ एक कहानी नहीं, एक संदेश भी है: **1. सादगी ही सबसे बड़ा श्रृंगार है -** जहाँ दुनिया के राजा सोने-चांदी के मुकुट पहनते हैं, वहाँ तीनों लोकों के स्वामी एक हल्के से पंख को धारण करते हैं। ये अहंकार पर विनम्रता की जीत का प्रतीक है। **2. प्रकृति के प्रति सम्मान -** उन्होंने हीरा-मोती नहीं, प्रकृति की भेंट को चुना। ये बताता है कि भगवान को सच्चे भाव प्यारे हैं, महंगी वस्तुएं नहीं। **3. पवित्रता और संपूर्णता -** शास्त्रों में मोर को पवित्रता और ब्रह्मचर्य का प्रतीक माना गया है। मोर पंख में सातों रंग होते हैं, जो दर्शाते हैं कि कृष्ण ही इस पूरी सृष्टि की विविधता में एकता के सूत्रधार हैं। उसकी आँख जैसी आकृति को उनकी सर्वदर्शी दृष्टि भी कहा जाता है। इसीलिए अगली बार जब आप कान्हा के मुकुट पर मोर पंख देखें, तो समझिएगा वो सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम, सादगी और प्रकृति का सम्मान है। RADHE RADHE JAI SHREE KRISHNA JI
Comments (4)

Rama Devi Sahu
Aug 6, 2026
जीभ जन्म से होती है, और मृत्यु तक रहती है क्यो कि वह कोमल होती है. दाॅत जन्म के बाद आते है और मृत्यु से पहले जाते है, क्यो कि वह कठोर होते है. कोमल रहिए कठोर नही। जिंदगी कुछ भी नही दोहरायेगी, जो यादे समेट सको, समेट लो। जय श्री कृष्णा राधे राधे शुभ संध्या वंदन जी 🙏🙏

Rama Devi Sahu
Aug 6, 2026
जीभ जन्म से होती है, और मृत्यु तक रहती है क्यो कि वह कोमल होती है. दाॅत जन्म के बाद आते है और मृत्यु से पहले जाते है, क्यो कि वह कठोर होते है. कोमल रहिए कठोर नही। जिंदगी कुछ भी नही दोहरायेगी, जो यादे समेट सको, समेट लो। जय श्री कृष्णा राधे राधे शुभ संध्या वंदन जी 🙏🙏

प्रेम कुमार
Aug 5, 2026
🌹🌹 राधे राधे 🌹🌹 शुभ संध्या वंदन बहना 🌹🌹

Sanjay Ahlawat
Aug 5, 2026
बहुत ही सुन्दर जानकारी दी है धन्यवाद शुभ संध्या
