
Rama Devi Sahu
134 days ago
*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐* *🌞 दिनांक - 30 मई 2026* *⛅दिन - शनिवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - अधिक ज्येष्ठ* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - चतुर्दशी सुबह 11:57 तक तत्पश्चात् पूर्णिमा* *⛅नक्षत्र - विशाखा दोपहर 01:20 तक तत्पश्चात् अनुराधा* *⛅योग - शिव प्रातः 05:25 मई 31 तक तत्पश्चात् सिद्ध* *⛅राहुकाल - सुबह 09:03 से सुबह 10:44 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:41* *⛅सूर्यास्त - 07:08 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:17 से प्रातः 04:59 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:58 से दोपहर 12:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:03 से मध्यरात्रि 12:46 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - पूर्णिमा* *🌥️विशेष - पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *गुरू कृपा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी ।* 1. गुरू जिस धरा पर अवतरित होते है वहाँ परमआनंद होता है । वहां के सब तामसिक दोष समाप्त हो जाते हैं । 2. जिस जगह गुरू वास करते उस जगह देवी देवता पुष्प वर्षा करते हैं । 3. गुरूदेव को निहारने , गुरू की फ़ोटो चित्र दर्शन करने से मन मे घंटीयां बजने लग जाती है आरती होती है तो समझो प्रणाम स्वीकार हो गया 4. जो व्यक्ति गुरू की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गुरू हर लेते है । 5. गुरू के चरणो मे स्वर्ग होता है । जहां गुरू देव विचरण करते है उस जगह वास करने से तामसिकता का दमन होता है। 6. गुरू में (लक्ष्मी सरस्वती दुर्गा ) सभी शक्तियो का वास होता है । 7. गुरू में सुर्य ,चन्द्र देवलोक पुर्ण ब्रह्माण्ड का वास तेज़ होता है । 8. गुरू मंत्र मे वो शक्ति है जो कुडंलिनी जागरित कर सकती है समस्त रोगों को दूर कर शिष्य का कल्याण होता है। 9. गुरू मे ब्रह्म चेतना का वास होता है । किसी व्यक्ति को कुछ हो जाये तो गुरू से प्रार्थना कर लेने से दोष दूर हो जाते है। 10. गुरू का रोजाना सुबह शाम ध्यान करने से तीनों ताप भौतिक दैहिक मानसिक रोग दोष का नाश होता है । 11. गुरू के मंत्र जाप से सभी देवी देवताओं को भोग लग जाता है। 12. गुरू मंत्र हजारों रोगों की दवा है । इसके सेवन से असाध्य रोग मिट जाते हैं । 13. जिस व्यक्ति का भाग्य सोया हुआ हो ,दुर्भाग्य से घिरा हो तो गुरू कृपा से उस व्यक्ति का सोया हुआ भाग्य खुल जाता है । 14. गुरू की सेवा से चरणों मे समर्पण से इंसान भय मुक्त हो जाता है । 15.गुरू ही महान विद्वान धर्म रक्षक ईश्वर का रूप अवतार होते है । 16. गुरू की सेवा , मोक्ष के लिए ही इस धरा पर देवी देवताओं ने अवतार लिये हैं । 17.गुरू मंत्र सुमिरण से जन्म जन्मानतर के कर्म पाप कष्ट कट जाते है । 18. समर्थ गुरू विरला एक काल खंड में एक ही होते है। 19. गुरू अगर स्वप्न में भी वात्सल्य भरी निगाहों से जिसे भी देखते है उनके ऊपर गुरू कृपा हो जाती है । 20. गुरू मंत्र का जाप करने से नौ ग्रह शांत रहते हैं । जो ध्यान के साथ करता है उनको शत्रु और अन्य दोषों भी से छुटकारा मिलता है । 21. गुरू एक चलता फिरता मंदिर है । हमारे सनातन धर्म में तैंतीस कोटि देवी देवता है। , हम रोजाना तैंतीस कोटि देवी देवताओं के मंदिर जा कर उनके दर्शन नहीं कर सकते पर गुरू के दर्शन हृदय कमल / आज्ञा चक्र भृकुटि पर ध्यान लगाकर वहाँ से गुरू का ब्रह्म स्वरूप में सभी देवी देवताओं के दर्शन हो जाते हैं । 22. कोई भी शुभ कार्य अटका हुआ हो बार बार प्रयत्न करने पर भी सफल नहीं हो रहा हो तो गुरू को कहिये रूका हुआ काम बन जायेगा ! 23. गुरू सर्व सुखों के देने वाले है । हे गुरूदेव आप अनंत ! आपके गुण अनंत ! इतना मुझमें सामर्थ्य नहीं कि मैं आपके गुणों का बखान कर सकूं । ।।जय गुरूदेव। *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

Comments (2)

Savita om namah shivay 🙏🌹
May 30, 2026
Jai ho Shani Dev Ji ki 🙏🌹

vijay kushwaha
May 30, 2026
जय श्री राम
