
Rama Devi Sahu
270 days ago
ॐ नमोः नारायणाय 🙏 मार्गशीर्ष महीने में आने वाली पूर्णिमा तिथि को मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहा जाता है। इस पूर्णिमा पर स्नान, दान और तप का विशेष महत्व माना गया है। इस पूर्णिमा पर हरिद्वार, काशी, मथुरा और प्रयागराज आदि जगहों पर श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान और तप आदि करने के लिए आते हैं। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन गुड़ का दान करने से रिश्तों में मधुरता आती है एवं धन लाभ के योग बनते हैं। इस पूर्णिमा पर किए गए दान का फल किसी भी अन्य पूर्णिमा की तुलना में 32 गुना ज्यादा माना गया है, इसी कारण इसे बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस बार साल की आखिरी पूर्णिमा 04 दिसंबर को मनाई जाएगी, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 04 दिसंबर को सुबह 08 बजकर 37 मिनट पर होगी एवं तिथि का समापन 05 दिसंबर को 04 बजकर 43 मिनट पर होगा।

Comments (1)

H.S.CHAHAR
Dec 4, 2025
🚩🌹🙏राम राम जी सुप्रभात आपका दिन मंगलमय हो विष्णु भगवान आपकी हर मनोकामना पूरी करें और ऐसे ही आप जानकारी देते रहें बहुत अच्छी पोस्ट है जय श्री राम 🌹🙏
