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🚩🌺🌻🚩🌺🌻🚩🌺🌻🚩 *🚩🌺05 नवंबर 2025🚩🌺* *🚩🌺श्री गुरु नानक देव जी के 5 शब्द : जो बताते सच, झूठ और प्रेम के असल मायने* 🚩🌺🌻🚩🌺🌻🚩🌺🌻🌹 *🚩🌺को काहू को भाई* *🔷हरि बिनु तेरो को न सहाई।* *काकी मात-पिता सुत बनिता, को काहू को भाई॥* *🔷धनु धरनी अरु संपति सगरी जो मानिओ अपनाई।* *🔷तन छूटै कुछ संग न चालै, कहा ताहि लपटाई॥* *🔷दीन दयाल सदा दु:ख-भंजन, ता सिउ रुचि न बढाई।* *🔷नानक कहत जगत सभ मिथिआ, ज्यों सुपना रैनाई॥* 🚩🌻🌺🚩🌻🌺🚩🌻🌺🌹 *🚩🌺जो नर दुख में दुख नहिं मानै* *🌺जो नर दुख में दुख नहिं मानै।* *🔷सुख सनेह अरु भय नहिं जाके, कंचन माटी जानै।।* *🌺नहिं निंदा नहिं अस्तुति जाके, लोभ-मोह अभिमाना।* *🌺हरष शोक तें रहै नियारो, नाहिं मान-अपमाना।।* *🔷आसा मनसा सकल त्यागि के, जग तें रहै निरासा।* *🌺काम, क्रोध जेहि परसे नाहीं, तेहि घट ब्रह्म निवासा।।* *🔷गुरु किरपा जेहि नर पै कीन्हीं, तिन्ह यह जुगुति पिछानी।* *🌺नानक लीन भयो गोबिंद सों, ज्यों पानी सों पानी।।* 🚩🌻🌺🌹🚩🌻🌺🌹🚩🌻 *🚩🌺झूठी देखी प्रीत* *🔷जगत में झूठी देखी प्रीत।* *🔷अपने ही सुखसों सब लागे, क्या दारा क्या मीत॥* *मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत।* *🌺अंतकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत॥* *🔷मन मूरख अजहूँ नहिं समुझत, सिख दै हारयो नीत।* *🌺नानक भव-जल-पार परै जो गावै प्रभु के गीत॥* 🚩🌻🌺🌹🚩🌻🌺🌹🚩🌻 *🚩🌺राम सुमिर, राम सुमिर* *🌺राम सुमिर, राम सुमिर, एही तेरो काज है॥* *🌺मायाकौ संग त्याग, हरिजूकी सरन लाग।* *🌺जगत सुख मान मिथ्या, झूठौ सब साज है॥१॥* *🔷सुपने ज्यों धन पिछान, काहे पर करत मान।* *🌺बारूकी भीत तैसें, बसुधाकौ राज है॥२॥* *🌺नानक जन कहत बात, बिनसि जैहै तेरो गात।* *🌺छिन छिन करि गयौ काल्ह तैसे जात आज है॥३॥* 🚩🌻🌺🌹🚩🌻🌺🌹🚩🌻 *🚩🌺प्रभु मेरे प्रीतम प्रान पियारे* *🔷प्रभु मेरे प्रीतम प्रान पियारे।* *🌺प्रेम-भगति निज नाम दीजिये, द्याल अनुग्रह धारे॥* *🔷सुमिरौं चरन तिहारे प्रीतम, ह्रदै तिहारी आसा।* *🌺संत जनाँपै करौं बेनती, मन दरसन कौ प्यासा॥* *🔷बिछुरत मरन, जीवन हरि मिलते, जनको दरसन दीजै।* *🌺नाम अधार, जीवन-धन नानक प्रभु मेरे किरपा कीजै॥* 🚩🌺🌻🚩🌺🌻🚩🌺🌻🚩

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