
Rama Devi Sahu
309 days ago
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 25 अक्टूबर 2025* *⛅दिन - शनिवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - कार्तिक* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅ तिथि - चतुर्थी रात्रि 03:48 अक्टूबर 26 तक तत्पश्चात् पञ्चमी* *⛅नक्षत्र - अनुराधा सुबह 07:51 तक तत्पश्चात् ज्येष्ठा* *⛅योग - शोभन पूर्ण रात्रि तक* *⛅राहुकाल - सुबह 09:20 से सुबह 10:45 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:28* *⛅सूर्यास्त - 05:53 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:48 से प्रातः 05:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:46 से रात्रि 12:36 अक्टूबर 26 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅️व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी, नागुला चविथी, रवि योग* *🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹अशुभ क्या है एवं शुभ क्या है ?🔹* *🔸 बिल्ली की धूलि शुभ प्रारब्ध का हरण करती है । (नारद पुराण, पूर्व भाग : 26.32)* *🔸 कुत्ता रखने वालों के लिए स्वर्गलोक में स्थान नहीं है । उनका पुण्य क्रोधवश नामक राक्षस हर लेते हैं । (महाभारत, महाप्रयाण पर्व : 3.10)* *🔸 'महाभारत' में यह भी आया है कि 'घर में टूटा-फूटा बर्तन, सामान (फर्नीचर), मुर्गा, कुत्ता, बिल्ली होना अच्छा नहीं है । ये शुभ गुणों को हरते हैं ।'* *🔸 दूसरे का अन्न, दूसरे का वस्त्र, दूसरे का धन, दूसरे की शय्या, दूसरे की गाड़ी, दूसरे की स्त्री का सेवन और दूसरे के घर में वास – ये इन्द्र के भी ऐश्वर्य को नष्ट कर देते हैं । (शंखलिखित स्मृति : 17)* *🔸 जिस तरह शरीर में जीवन न हो तो वह मुर्दा शरीर अशुभ माना जाता है । इसी तरह खाली कलश भी अशुभ है । दूध, घी, पानी अथवा अनाज से भरा हुआ कलश कल्याणकारी माना जाता है । भरा हुआ घड़ा मांगलिकता का प्रतीक है ।* *🔸 वास्तुशास्त्र के अनुसार घर की पश्चिम दिशा में पीपल का वृक्ष होना शुभ है । इसके विपरीत पूर्व दिशा में होना विशेष अशुभ है ।* *🔸 आँवला, बिल्व, नारियल, तुलसी और चमेली सभी दिशाओं में शुभ हैं । कुछ अन्य वृक्षों के लिए शुभ दिशाओं की सूचिः* *जामुन – दक्षिण, पूर्व, उत्तर* *अनार – आग्नेय, नैर्ऋत्य कोण* *केला – तुलसी के साथ सभी दिशाओं में* *चंदन – पश्चिम, दक्षिण (पूर्व विशेष अशुभ)* *बड़ - पूर्व (पश्चिम विशेष अशुभ)* *कनेर – पूर्व, उत्तर (पश्चिम विशेष अशुभ)* *नीम – वायव्य कोण (आग्नेय विशेष अशुभ)* *🔸 घर में बाँस, बेर, पपीता, पलाश और बबूल के वृक्ष सभी दिशाओं में अशुभ माने जाते हैं । आम पूर्व में, सीताफल व गुलाब ईशान कोण में विशेष अशुभ हैं ।* *🔸 अशुभ वस्तुएँ जैसे कि मांस, दुर्घटना का दृश्य, मृतक जीव-जन्तु दिखायी देने पर उसी समय सूर्यनारायण के दर्शन कर लेने चाहिए ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

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