
Rama Devi Sahu
80 days ago
प्रदोष व्रत शिव जी को समर्पित है जो हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखने का विधान है। जो भी भक्त प्रदोष व्रत रखते हैं और पूजा उपासना करते हैं उन पर शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अधिकमास का प्रदोष व्रत 12 जून को पड़ेगा। #शुक्र_प्रदोष_व्रत_तिथि: ज्येष्ठ अधिकमास श्रीहरि विष्णु जी को समर्पित है. 3 साल में एक बार पड़ने वाले इस अधिकमाह में शुक्र प्रदोष पड़ रहा है. पंचांग को देखें तो ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जून को शाम 07:36 बजे शुरू होगी और 13 जून को शाम के 04:07 बजे तिथि का समापन होगा. प्रदोष काल के अनुसार जून का पहला प्रदोष व्रत 12 जून को रखा जाएगा और इसी दिन शिव जी की विधि विधान से पूजा उपासना की जाएगी. शुक्रवार के दिन यह प्रदोष व्रत पड़ रहा है जिसके कारण इस अधिकमास का प्रदोष व्रत शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। #शुक्र_प्रदोष_व्रत_पूजा_मुहूर्त: प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा प्रदोष काल में करने का विधान है. इस काल में शिव जी की पूजा करने से अति शुभ फल की प्राप्ति होती है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. 12 जून को प्रदोष काल में शाम को 07:36 बजे से लेकर 09:20 बजे तक पूजा का शुभ समय रहेगा। #शुक्र_प्रदोष_व्रत_पर_बनेगा_सर्वार्थ_सिद्धि_योग: इस दिन प्रदोष व्रत पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण होने जा रहा है, जिसे किसी भी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 05 बजकर 23 मिनट से 06 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। #शुक्र_प्रदोष_व्रत_पूजा_विधि: ●प्रदोष व्रत के दिन सुबह के समय स्नान आदि करें. साफ कपड़े पहनें ●पूजा शुरू करने से पहले शिव जी का ध्यान करें और व्रत का संकल्प करें. ●घर के मंदिर को साफकर गंगाजल छिड़कें. ●शिव परिवार की प्रतिमा चौकी पर सजाएं या शिवलिंग स्थापित करें. '●ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए पंचामृत से अभिषेक करें। ●भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग के साथ ही शमी पत्र चढ़ाएं. ●सफेद चंदन, अक्षत के साथ ही कनेर के फूल चढ़ाएं. ●घी का दीपक जलाकर शिव जी के सामने बैठ जाएं. ●शिव चालीसा का पाठ करें और प्रदोष व्रत की कथा सुनें या सुनाए ●अंत में भगवान शिव की आरती कर पूजा को संपन्न करें। #शुक्र_प्रदोष_व्रत_धार्मिक_महत्व: धार्मिक मान्यता के अनुसार अधिक मास के शुक्र प्रदोष व्रत का पालन करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत दांपत्य जीवन में सुख, आर्थिक उन्नति, मानसिक शांति और परिवार की समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jun 12, 2026
🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱 Om Namah Shivay 🔱🙏

सविता
Jun 12, 2026
om namah shivay 🙏🌹 shubh prabhat vandan ji
