
Rama Devi Sahu
160 days ago
🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌈 *दिनांक - 24 मार्च 2026* 🌈 *दिन - मंगलवार* 🌈 *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌈 *शक संवत -1948* 🌈 *अयन - उत्तरायण* 🌈 *ऋतु - वसंत ॠतु* 🌈 *मास - चैत्र* 🌈 *पक्ष - शुक्ल* 🌈 *तिथि - षष्ठी शाम 04:07 तक तत्पश्चात सप्तमी* 🌈 *नक्षत्र - रोहिणी शाम 07:04 तक तत्पश्चात मृगशिरा* 🌈 *योग - प्रीति सुबह 09:07 तक तत्पश्चात आयुष्मान* 🌈 *राहुकाल - शाम 03:48 से शाम 05:19 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:40* 🌈 *सूर्यास्त - 06:49* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🕉️⏭️ *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण- ✨ *विशेष - *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🍁 *बुधवारी अष्टमी* 🍁 ⏩ *25 मार्च 2026 बुधवार को दोपहर 01:50 से 26 मार्च सूर्योदय तक बुधवारी अष्टमी है ।* 🕉️⏭️ *मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि* 🙏🏻 *सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।* 🙏🏻 *इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है। (शिव पुराण, विद्यश्वर संहिताः अध्याय 10)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌷 *नवरात्रि के आखिरी 3 दिन* 🌷 🕉️⏭️ *अगर कोई पूरे नौ दिनों का व्रत नवरात्रि में नहीं रख सकता, तो कम से कम आखिरी तीन दिनों का व्रत रखना चाहिए. उससे 9 दिन के नवरात्रि का फल प्राप्त कर होता हैं ।अंतिम तीन दिन का उपवास करने से संपूर्ण नवरात्रि का उपवास माना जाता है सप्तमी अष्टमी और नवमी तिथि तो सप्तमी 25 मार्च बुधवार अष्टमी 26 मार्च गुरुवार और नवमी 27 मार्च शुक्रवार को है* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🍁 *चैत्र नवरात्रि* 🍁 🙏🏻 *नवरात्रि की सप्तमी तिथि यानी सातवें दिन माता दुर्गा को गुड़ का भोग लगाएं ।इससे हर मनोकामना पूरी हो सकती है।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🍁 *चैत्र नवरात्रि* 🍁 🙏🏻 *शत्रुओं का नाश करती हैं मां कालरात्रि* *महाशक्ति मां दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं कालरात्रि। मां कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। मां कालरात्रि की आराधना के समय भक्त को अपने मन को भानु चक्र जो ललाट अर्थात सिर के मध्य स्थित करना चाहिए। इस आराधना के फलस्वरूप भानु चक्र की शक्तियां जागृत होती हैं। मां कालरात्रि की भक्ति से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है। शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती हैं ।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ☀🏯!! श्री हरि: शरणम् !!🏯☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
