
Rama Devi Sahu
2 days ago
आश्विन मास की पूर्णिमा को कोजागरी व्रत रखा जाता है, इस दिन विशेष रूप से देवी लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। ► शरद पूर्णिमा का महत्व पूर्णिमा को किए जाने वाला कोजागरी व्रत लक्ष्मीजी को अतिप्रिय हैं इसलिए इस व्रत का श्रद्धापूर्ण पालन करने से लक्ष्मीजी अति प्रसन्न होती हैं। इस वर्ष 6 अक्टूबर को रात 10 बजकर 37 मिनट से लेकर रात 12 बजकर 09 मिनट तक चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने का शुभ मुहूर्त है। शरद पूर्णिमा में रात्रि के समय चंद्रोदय होने पर घर में घी के 11 दीपक जलाएं, लक्ष्मी पूजा का यह दिन कोजागरी पूर्णिमा या बंगला लक्ष्मी पूजा के रूप में भी जाना जाता है।
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