
Rama Devi Sahu
129 days ago
श्री श्री श्री जगन्नाथ महाप्रभु एवं माता रुक्मिणी विवाह उत्सव ओडिशा के एकाधिपति सम्राट, कोटिब्रह्मांड नाथ श्री श्री श्री जगन्नाथ महाप्रभु के साथ नारियों में श्रेष्ठा श्री स्वरूपा रुक्मिणी महादेवी का विवाह उत्सव आगामी ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष एकादशी को श्री मंदिर के भीतर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विधि-विधान से संपन्न होगा। द्वापर युग में जिस प्रकार श्री द्वारिकाधीश ने राजा भीष्मक की पुत्री देवी रुक्मिणी को नाटकीय ढंग से हरण किया था, उसी लीला को श्रीमंदिर के भीतर प्रतीकात्मक 'रुक्मिणी हरण नीति' के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस प्रकार लक्ष्मी-नारायण का यह पावन विवाह उत्सव भक्तों की उपस्थिति में अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ आयोजित होगा। अनुरोध: अतः सभी भक्तों से विनम्र निवेदन है कि वे जगतपिता और जगतमाता के इस दिव्य विवाह उत्सव में उपस्थित रहकर महाप्रभु और महामायी का आशीर्वाद प्राप्त करें, तथा विवाह की संध्या को दिव्य महाप्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य करें। जय जगन्नाथ, जय महालक्ष्मी! उत्सव सारिणी (कार्यक्रम): ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (२४ जून): श्री मदनमोहन महाप्रभु का राजेंद्र अभिषेक एवं मंगल कृत्य। ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (२५ जून): रुक्मिणी पाणिग्रहण (विवाह) एवं संध्या काल में श्री महाप्रसाद सेवन। ज्येष्ठ शुक्ल द्वादशी (२६ जून): महाप्रभु और महामायी का 'गुआली उत्सव' (नगर भ्रमण) गजपति महाराज के श्री नहंर/राजमहल तथा श्री जमेश्वर महादेव मंदिर में शुभागमन।

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