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*महावीर जनकल्याणक–अहिंसा और आत्मजागरण का पर्व* भगवान महावीर जनकल्याणक का यह पावन दिवस हैं परंपरा में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। यह दिन केवल जन्मोत्सव नहीं, बल्कि अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम के उनके दिव्य संदेश का स्मरण है। भगवान महावीर ने मानव जीवन को करुणा, अपरिग्रह और आत्मअनुशासन का मार्ग दिखाया। उनके उपदेश बताते है कि बाहरी विजय नहीं, आत्मविजय ही सर्वोच्च साधना है। इस अवसर पर जैन मंदिरों में अभिषेक, शोभायात्राएं और धर्मोपदेश आयोजित होते है, खान समाज सिद्धांतों को जीवन में उतारने का संकल्प लेता है। *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

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