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Rama Devi Sahu

48 days ago

🔥 धर्मध्वजा के अधिपति प्रभु जगन्नाथ 🔥 ✨जब-जब धरती काँप उठी है, अन्याय का अंधकार बढ़ा, तब-तब नीलाचल से उठकर, धर्म का सूरज फिर चढ़ा। वज्र-सी बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे प्रचंड, किन्तु प्रभु के चरणों के आगे, झुक जाता हर महाकाल दंड। ✨शिखर समान वह दिव्य स्वरूप, अग्नि-ज्योति से आलोकित, नेत्र विशाल करुणा बरसाएँ, फिर भी रण में अडिग, अजेय, अमित। एक हाथ में सुदर्शन शोभे, दूसरे में शंख महान, धर्मध्वजा नभ में लहराती, गूँजे हरि का पावन गान। ✨पर्वत-शिखर पर खड़े प्रभु, जैसे स्वयं विजय के द्वार, पीछे गर्जन करते मेघ, आगे भक्तों का संसार। ज्वाला-मंडल उनके चारों ओर, तेज अनन्त, अपार, दुष्टों के मन भय से काँपें, सज्जन पाएँ प्रेम अपार। ✨नीलाचल का पावन मंदिर, दूर से देता संदेश, "जो भी आए शरण हमारी, मिट जाए उसका क्लेश।" आँधी आए, तूफान उठे, बिजली चाहे गिरे हजार, जगन्नाथ के भक्तों का रक्षक, रहता सदा दयालु सरकार। ✨पग-पग पर जब संकट घेरें, मन हो जाए निराश, तब स्मरण करो उस मुस्कान का, जो भर दे नव प्रकाश। उनके चरणों की धूलि मात्र, जीवन को कर दे धन्य, भक्ति की एक पुकार सुनें वे, बन जाएँ तुरंत प्रणम्य। ✨हे जग के नाथ, हे दीनबंधु, रखो हम पर कृपा अपार, धर्म की ज्योति जलती रहे, मिटे अधर्म का अंधकार। हम भी चलें उसी पथ पर, जहाँ सत्य का हो मान, तुम्हारे नाम से गूँजे जग, "जय जगन्नाथ भगवान!" ✨जब तक सूरज चाँद रहेंगे, गूँजेगा यह पावन नाम, नीलाचल के अधिपति प्रभु, तुम ही हो जग के धाम। तेरी ध्वजा जहाँ लहराए, वहाँ विजय का हो गान, भक्तों के हृदय सिंहासन पर, सदा विराजो भगवान।🚩🙏🏻 🙏🌹⭕‼️⭕🌹🙏

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 13, 2026

🙏🌹⭕‼️⭕🌹🙏 Suprabhat Ji 🌹🌹

Rakesh Kumar

Rakesh Kumar

Jul 13, 2026

good morning ji 🙏