
Rohit Patel
352 days ago
🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌈 *दिनांक - 12 सितम्बर 2025* 🌈 *दिन - शुक्रवार* 🌈 *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)* 🌈 *शक संवत -1947* 🌈 *अयन - दक्षिणायन* 🌈 *ऋतु - शरद ॠतु* 🌈 *मास - आश्विन (गुजरात-महाराष्ट्र भाद्रपद)* 🌈 *पक्ष - कृष्ण* 🌈 *तिथि - पंचमी सुबह 09:58 तक तत्पश्चात षष्ठी* 🌈 *नक्षत्र -भरणी सुबह 11:58 तक तत्पश्चात कृत्तिका* 🌈 *योग - व्याघात दोपहर 01:44 तक तत्पश्चात हर्षण* 🌈 *राहुकाल - सुबह 11:02 से दोपहर 12:35 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:26* 🌈 *सूर्यास्त - 06:43* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🕉️⏭️ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण - षष्ठी का श्राद्ध,कृत्तिका श्राद्ध* ✨ *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🍁 *श्राद्ध में क्या करें क्या ना करें* 🍁 ⚜️ *श्राद्ध एकान्त में ,गुप्तरुप से करना चाहिये, पिण्डदान पर दुष्ट मनुष्यों की दृष्टि पडने पर वह पितरों को नहीं पहुचँता, दूसरे की भूमि पर श्राद्ध नहीं करना चाहिये, जंगल, पर्वत, पुण्यतीर्थ और देवमंदिर ये दूसरे की भूमि में नही आते, इन पर किसी का स्वामित्व नहीं होता, श्राद्ध में पितरों की तृप्ति ब्राह्मणों के द्वारा ही होती है, श्राद्ध के अवसर पर ब्राह्मण को निमन्त्रित करना आवश्यक है, जो बिना ब्राह्मण के श्राद्ध करता है, उसके घर पितर भोजन नहीं करते तथा श्राप देकर लौट जाते हैं, ब्राह्मणहीन श्राद्ध करने से मनुष्य महापापी होता है | (पद्मपुराण, कूर्मपुराण, स्कन्दपुराण )* ⚜️ *श्राद्ध के द्वारा प्रसन्न हुये पितृगण मनुष्यों को पुत्र, धन, आयु, आरोग्य, लौकिक सुख, मोक्ष आदि प्रदान करते हैं , श्राद्ध के योग्य समय हो या न हो, तीर्थ में पहुचते ही मनुष्य को सर्वदा स्नान, तर्पण और श्राद्ध करना चाहिये,* *शुक्ल पक्ष की अपेक्षा कृष्ण पक्ष और पूर्वाह्न की अपेक्षा अपराह्ण श्राद्ध के लिये श्रेष्ठ माना जाता है | (पद्मपुराण, मनुस्मृति)* ⚜️ *सायंकाल में श्राद्ध नहीं करना चाहिये, सायंकाल का समय राक्षसी बेला नाम से प्रसिद्ध है, चतुर्दशी को श्राद्ध करने से कुप्रजा (निन्दित सन्तान) पैदा होती है, परन्तु जिसके पितर युद्ध में शस्त्र से मारे गये हो, वे चतुर्दशी को श्राद्ध करने से प्रसन्न होते हैं, जो चतुर्दशी को श्राद्ध करने वाला स्वयं भी युद्ध का भागी होता है | (स्कन्दपुराण, कूर्मपुराण, महाभारत)* ⚜️ *रात्रि में श्राद्ध नहीं करना चाहिये, उसे राक्षसी कहा गया है, दोनो संध्याओं में भी श्राद्ध नहीं करना चाहिये, दिन के आठवें भाग (महूर्त) में जब सूर्य का ताप घटने लगता है उस समय का नाम 'कुतप' है, उसमें पितरों के लिये दिया हुआ दान अक्षय होता है, कुतप, खड्गपात्र, कम्बल, चाँदी , कुश, तिल, गौ और दौहित्र ये आठो कुतप नाम से प्रसिद्ध है, श्राद्ध में तीन वस्तुएँ अत्यन्त पवित्र हैं, दौहित्र, कुतपकाल, तथा तिल, श्राद्ध में तीन वस्तुएँ अत्यन्त प्रशंसनीय हैं, बाहर और भीतर की शुद्धि, क्रोध न करना तथा जल्दबाजी न करना (मनुस्मृति, मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुपुराण)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩

Comments (9)

Rohit Patel
Sep 12, 2025
जी भाई जी धन्यवाद करते है 🤝🙏🌹

Radhe Radhe
Sep 12, 2025
🌷🌷 शुभ दोपहर आज का हिंदू पंचांग वेरी नाइस पोस्ट।। 🚩जय हिंदुत्व 🚩 जय माता दी।। मां जगदंबा की कृपा दृष्टि आप पर सदैव बरसती रहे।। बहुत बहुत ही अच्छी पोस्ट , कोट्स लाइन की स्टोरी।। आपका हर एक लम्हा खुशियों से भरारहे।।🌹🌹🌹 ््््््ॐ 🌹🌹🌹

Rohit Patel
Sep 12, 2025
जी हंसू जी मां भगवती कल्याण करे जी 💞💞💞💞💞💞💞

Rohit Patel
Sep 12, 2025
जी सौम्या बहन जी, ॐ श्रीं 🌺📿🙏 राधे राधे जी 🌹 महादेव हर 🔱🌿🙏

hansu parjapti
Sep 12, 2025
Jay shree laxmi mata 🌹👏🌹👏🌹👏

Saumya Sharma
Sep 12, 2025
जय माता दी 🙏🌹🙏 लक्ष्मी जी करती रहें सुख समृद्धि की बरसात 🙏 ऋद्धि सिद्धि की कृपा हो, गणपति जी का साथ🙏, संतोषी संतोष दें, जैसे हों हालात🙏, जीवन में होती रहे खुशियों की बरसात 🙏🌹☺️ शुभ मंगलकामनाओं के साथ सुप्रभात वंदन भैया जी 🙏🌹☺️ आपका दिन शुभ व मंगलमय हो 🙏🌹☺️

Rohit Patel
Sep 12, 2025
जी बड़े भैया जी, सुप्रभात... ॐ गं 🌺 राधे राधे 🌹 ॐ श्रीं 🌺 have a great day जी 🌹🌹 धन्यवाद जी ☕🤝🤗

प्रेम कुमार
Sep 12, 2025
🌹 जय मां लक्ष्मी 🌹 शुभ प्रभात वंदन आप का दिन मंगलमय हो 🌹
