
Rama Devi Sahu
88 days ago
*सत्संग श्रवण का फल...* 🙏🙏🙏एक था मजदूर। मजदूर तो था, साथ-ही-साथ किसी संत महात्मा का प्यारा भी था। सत्संग का प्रेमी था। उसने शपथ खाई थी! मैं उसी का बोझ उठाऊँगा, उसी की मजदूरी करूँगा, जो सत्संग सुने अथवा मुझे सुनाये। प्रारम्भ में ही यह शर्त रख देता था। जो सहमत होता, उसका काम करता। 🙏🙏🙏एक बार कोई सेठ आया तो इस मजदूर ने उसका सामान उठाया और सेठ के साथ वह चलने लगा। जल्दी-जल्दी में शर्त की बात करना भूल गया। आधा रास्ता कट गया तो बात याद आ गई। उसने सामान रख दिया और सेठ से बोला:- सेठ जी मेरा नियम है कि मैं उन्हीं का सामान उठाऊँगा, जो कथा सुनावें या सुनें। अतः आप मुझे सुनाओ या सुनो। 🙏🙏🙏सेठ को जरा जल्दी थी। वह बोला- तुम ही सुनाओ। मजदूर के वेश में छुपे हुए संत की वाणी से कथा निकली। मार्ग तय होता गया। सेठ के घर पहुंचे तो सेठ ने मजदूरी के पैसे दे दिये। मजदूर ने पूछा:- क्यों सेठजी सत्संग याद रहा, हमने तो कुछ सुना नहीं। हमको तो जल्दी थी और आधे रास्ते में दूसरा कहाँ ढूँढने जाऊँ? 🙏🙏🙏इसलिए शर्त मान ली और ऐसे ही हाँ, हूँ करता आया। हमको तो काम से मतलब था, कथा से नहीं। भक्त मजदूर ने सोचा कि कैसा अभागा है, मुफ्त में सत्संग मिल रहा था और सुना नहीं, यह पापी मनुष्य की पहचान है। उसके मन में तरह-तरह के ख्याल आ रहे थे। 🙏🙏🙏अचानक उसने सेठ की ओर देखा और गहरी साँस लेकर कहा:- सेठ, कल शाम को सात बजे आप सदा के लिए इस दुनिया से विदा हो जाओगे। अगर साढ़े सात बजे तक जीवित रहें तो मेरा सिर कटवा देना। जिस ओज से उसने यह बात कही, सुनकर सेठ काँपने लगा। भक्त के पैर पकड़ लिए। 🙏🙏🙏भक्त ने कहा:- सेठ, जब आप यमपुरी में जाएँगे तब आपके पाप और पुण्य का लेखा जोखा होगा, हिसाब देखा जाएगा। आपके जीवन में पाप ज्यादा हैं, पुण्य कम हैं। अभी रास्ते में जो सत्संग सुना, थोड़ा बहुत उसका पुण्य भी होगा। 🙏🙏🙏आपसे पूछा जायेगा कि कौन सा फल पहले भोगना है? पाप का या पुण्य का?तो यमराज के आगे स्वीकार कर लेना कि पाप का फल भोगने को तैयार हूँ पर पुण्य का फल भोगना नहीं है, देखना है। पुण्य का फल भोगने की इच्छा मत रखना। 🙏🙏🙏मरकर सेठ पहुँचे यमपुरी में। चित्रगुप्तजी ने हिसाब पेश किया। यमराज के पूछने पर सेठ ने कहा:- मैं पुण्य का फल भोगना नहीं चाहता और पाप का फल भोगने से इन्कार नहीं करता। कृपा करके बताइये कि सत्संग के पुण्य का फल क्या होता है? मैं वह देखना चाहता हूँ। 🙏🙏🙏पुण्य का फल देखने की तो कोई व्यवस्था यमपुरी में नहीं थी। पाप- पुण्य के फल भुगताए जाते हैं, दिखाये नहीं जाते। यमराज को कुछ समझ में नहीं आया। ऐसा मामला तो यमपुरी में पहली बार आया था। यमराज उसे ले गये धर्मराज के पास। धर्मराज भी उलझन में पड़ गये। 🙏🙏🙏चित्रगुप्त, यमराज और धर्मराज तीनों सेठ को ले गये। सृष्टि के आदि परमेश्वर के पास। धर्मराज ने पूरा वर्णन किया। परमपिता मंद-मंद मुस्कुराने लगे। और तीनों से बोले:- ठीक है. जाओ, अपना-अपना काम सँभालो। सेठ को सामने खड़ा रहने दिया। 🙏🙏🙏सेठ बोला:- प्रभु मुझे सत्संग के पुण्य का फल भोगना नहीं है, अपितु देखना है। प्रभु बोले:- चित्रगुप्त, यमराज और धर्मराज जैसे देव आदरसहित तुझे यहाँ ले आये और तू मुझे साक्षात देख रहा है, इससे अधिक और क्या देखना है? 🌸🌸🌸 एक घड़ी आधी घड़ी, आधी में पुनि आध। तुलसी सत्संग साध की, हरे कोटि अपराध।। 🙏🙏🙏जो चार कदम चलकर के सत्संग में जाता है, तो यमराज की भी ताकत नहीं उसे हाथ लगाने की, सत्संग-श्रवण की महिमा इतनी महान है. सत्संग सुनने से पाप-ताप कम हो जाते हैं। पाप करने की रूचि भी कम हो जाती है। बल बढ़ता है तथा कमजोरियां दूर होने लगती हैं। *🙏🌸🌞राधे-राधे🌞🌸🙏*
Comments (16)

Rama Devi Sahu
Jun 3, 2026
जीवन के सफर में चाहे कितने भी तूफान क्यों न आएं, जो पुरुषोत्तम मास में 'राधे-राधे' नाम का सहारा ले लेता है, उसकी नैया को स्वयं ठाकुर जी पार लगा देते हैं।

Rama Devi Sahu
Jun 3, 2026
*विभुवन संकष्टी चतुर्थी* 🙏🐘 *संकट हरने वाली चतुर्थी - बप्पा का सबसे खास व्रत* *"विभुवन" नहीं, असल में "विकट" या "बहुला" संकष्टी है* तस्वीर में "विभुवन" लिखा है, पर शुद्ध नाम *"विकट संकष्टी चतुर्थी"* या *"बहुला चतुर्थी"* है। ये *भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी* को आती है। *2026 में कब?* अभी 2026 चल रहा है, तो *विकट संकष्टी चतुर्थी 1 सितंबर 2026, मंगलवार* को पड़ेगी। --- *संकष्टी चतुर्थी का मतलब क्या?* *संकष्टी = संकट + कष्टी = संकटों को काटने वाली* हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को *संकष्टी चतुर्थी* कहते हैं। पर *भाद्रपद की संकष्टी = विकट संकष्टी* सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। *क्यों खास है?* गणेश जी ने इसी दिन *"विकट" नाम के दैत्य* का वध किया था। इसलिए जो इस दिन व्रत रखता है, उसके *"विकट" से विकट संकट* भी कट जाते हैं। --- *विकट संकष्टी व्रत - कैसे करें?* समय क्या करें महत्व **सुबह** नहाकर गणेश जी को **दूर्वा, मोदक, लाल फूल** चढ़ाएं दिन की शुरुआत विघ्नहर्ता के आशीर्वाद से **दिनभर** **निर्जल या फलाहार व्रत**। झूठ, क्रोध से बचें मन और शरीर की शुद्धि **शाम** **चंद्रोदय के बाद** गणेश पूजन। **21 दूर्वा** अर्पित करें चंद्रमा को अर्घ्य दिए बिना व्रत पूरा नहीं होता **कथा सुनें** विकट संकष्टी की व्रत कथा बिना कथा के फल आधा **भोग** **तिल-गुड़ के मोदक** सबसे प्रिय बप्पा का फेवरेट **पारण** चंद्र दर्शन + अर्घ्य के बाद भोजन चंद्रमा गणेश जी के मस्तक पर विराजते हैं *चंद्रोदय टाइम:* 1 सितंबर 2026 को करीब *रात 8:45 PM* के आस-पास होगा। अपने शहर का लोकल टाइम देख लेना। --- *इस व्रत के 3 बड़े लाभ* 1. *संकट नाश:* कोर्ट-कचहरी, कर्ज, बीमारी, शत्रु बाधा - *विकट से विकट समस्या* टलती है। 2. *बुद्धि-सिद्धि:* स्टूडेंट, बिजनेस वाले के लिए *बेस्ट*। गणेश जी *बुद्धि के देवता* हैं। 3. *मनोकामना पूर्ति:* सच्चे मन से व्रत रखो, तो *असंभव भी संभव* हो जाता है। *तस्वीर का संदेश* दीपक, सफेद फूल और गणेश जी - *सात्विकता का प्रतीक*। *सफेद फूल = शांति*, *दीपक = अज्ञान का अंधेरा दूर*, *गणेश जी = हर संकट का समाधान*। *सीधी बात:* जिंदगी में *"विकट" स्थिति* आ जाए तो घबराना मत। *विकट संकष्टी* का व्रत रख लो। बप्पा खुद कहते हैं: *"मेरी पूजा में जो चतुर्थी करे, उसके घर संकट कभी न पड़े"* *|| वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ||* *|| निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ||* *गणपति बप्पा मोरया 🙏*

Rama Devi Sahu
Jun 3, 2026
राधे राधे ❤️ शुभ रात्रि वंदन जी 🙏🌹

Rama Devi Sahu
Jun 3, 2026
*विभुवन संकष्टी चतुर्थी* 🙏🐘 *संकट हरने वाली चतुर्थी - बप्पा का सबसे खास व्रत* *"विभुवन" नहीं, असल में "विकट" या "बहुला" संकष्टी है* तस्वीर में "विभुवन" लिखा है, पर शुद्ध नाम *"विकट संकष्टी चतुर्थी"* या *"बहुला चतुर्थी"* है। ये *भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी* को आती है। *2026 में कब?* अभी 2026 चल रहा है, तो *विकट संकष्टी चतुर्थी 1 सितंबर 2026, मंगलवार* को पड़ेगी। --- *संकष्टी चतुर्थी का मतलब क्या?* *संकष्टी = संकट + कष्टी = संकटों को काटने वाली* हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को *संकष्टी चतुर्थी* कहते हैं। पर *भाद्रपद की संकष्टी = विकट संकष्टी* सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। *क्यों खास है?* गणेश जी ने इसी दिन *"विकट" नाम के दैत्य* का वध किया था। इसलिए जो इस दिन व्रत रखता है, उसके *"विकट" से विकट संकट* भी कट जाते हैं। --- *विकट संकष्टी व्रत - कैसे करें?* समय क्या करें महत्व **सुबह** नहाकर गणेश जी को **दूर्वा, मोदक, लाल फूल** चढ़ाएं दिन की शुरुआत विघ्नहर्ता के आशीर्वाद से **दिनभर** **निर्जल या फलाहार व्रत**। झूठ, क्रोध से बचें मन और शरीर की शुद्धि **शाम** **चंद्रोदय के बाद** गणेश पूजन। **21 दूर्वा** अर्पित करें चंद्रमा को अर्घ्य दिए बिना व्रत पूरा नहीं होता **कथा सुनें** विकट संकष्टी की व्रत कथा बिना कथा के फल आधा **भोग** **तिल-गुड़ के मोदक** सबसे प्रिय बप्पा का फेवरेट **पारण** चंद्र दर्शन + अर्घ्य के बाद भोजन चंद्रमा गणेश जी के मस्तक पर विराजते हैं *चंद्रोदय टाइम:* 1 सितंबर 2026 को करीब *रात 8:45 PM* के आस-पास होगा। अपने शहर का लोकल टाइम देख लेना। --- *इस व्रत के 3 बड़े लाभ* 1. *संकट नाश:* कोर्ट-कचहरी, कर्ज, बीमारी, शत्रु बाधा - *विकट से विकट समस्या* टलती है। 2. *बुद्धि-सिद्धि:* स्टूडेंट, बिजनेस वाले के लिए *बेस्ट*। गणेश जी *बुद्धि के देवता* हैं। 3. *मनोकामना पूर्ति:* सच्चे मन से व्रत रखो, तो *असंभव भी संभव* हो जाता है। *तस्वीर का संदेश* दीपक, सफेद फूल और गणेश जी - *सात्विकता का प्रतीक*। *सफेद फूल = शांति*, *दीपक = अज्ञान का अंधेरा दूर*, *गणेश जी = हर संकट का समाधान*। *सीधी बात:* जिंदगी में *"विकट" स्थिति* आ जाए तो घबराना मत। *विकट संकष्टी* का व्रत रख लो। बप्पा खुद कहते हैं: *"मेरी पूजा में जो चतुर्थी करे, उसके घर संकट कभी न पड़े"* *|| वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ||* *|| निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ||* *गणपति बप्पा मोरया 🙏*

Rama Devi Sahu
Jun 3, 2026
जीवन के सफर में चाहे कितने भी तूफान क्यों न आएं, जो पुरुषोत्तम मास में 'राधे-राधे' नाम का सहारा ले लेता है, उसकी नैया को स्वयं ठाकुर जी पार लगा देते हैं।

Rama Devi Sahu
Jun 3, 2026
🙏‼️ Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna ‼️🙏 Ji 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jun 3, 2026
राधे राधे ❤️ शुभ रात्रि वंदन जी 🙏🌹🌹

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Jun 3, 2026
AWESOME AUTHENTIC PERFORMANCE NICE V IMPRESSIVE ATTRACTIVE BEAUTIFUL EXCELLENT UR POST THANKS JI ALWAYS BE HAPPY 🙏🙏👍👍👌👌

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Jun 3, 2026
हर हर महादेव मां आदिशक्ति आशीर्वाद कृपा से सपरिवार को दीर्घायु यश वैभव सुख शांति समृद्धि प्रदान हो ॐ नमः शिवाय 👌🙏🙏🙏🙏🙏

Suresh Kumar
Jun 3, 2026
राधे राधे जी 🙏 शुभ रात्री वंदन
