
Rama Devi Sahu
20 days ago
अयिगिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते। गिरिवरविन्ध्य-शिरोधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते। भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते। जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्य कपर्दिनि शैलसुते ॥१॥ "जय जय हे महिषासुरमर्दिणि रम्यकपर्दिणि शैलसुते" यह प्रसिद्ध महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र (Aigiri Nandini) की सबसे लोकप्रिय और मुख्य पंक्ति है। यह स्तोत्र देवी दुर्गा (माँ काली/पार्वती) को समर्पित है, जिन्होंने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था।
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