
Rama Devi Sahu
183 days ago
*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐* *🌞दिनांक - 28 फरवरी 2026* *⛅दिन - शनिवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वसंत* *⛅मास - फाल्गुन* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - द्वादशी रात्रि 08:43 तक तत्पश्चात् त्रयोदशी* *⛅नक्षत्र - पुनर्वसु सुबह 09:35 तक तत्पश्चात् पुष्य* *⛅योग - सौभाग्य शाम 05:02 तक तत्पश्चात् शोभन* *⛅राहुकाल - सुबह 09:45 से सुबह 11:12 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:50* *⛅सूर्यास्त - 06:29 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:11 से प्रातः 06:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:16 से दोपहर 01:03 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:14 मार्च 01 से रात्रि 01:04 मार्च 01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - नृसिंह द्वादशी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, त्रिपुष्कर योग (प्रातः 06:50 से सुबह 09:35 तक)* *🌥️विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹शारीरिक-मानसिक आरोग्य हेतु संजीवनी बूटी : पैदल भ्रमण🔹* *कैसा भ्रमण है लाभदायी ?* *🔸पैदल भ्रमण करते समय शरीर सीधा व वस्त्र कम रहें । दोनों हाथ हिलाते हुए और नाक से गहरे गहरे श्वास लेते हुए भ्रमण करना चाहिए । गहरे श्वास लेने से प्राणायाम का भी लाभ मिलता है ।* *🔸शारीरिक के साथ यह मानसिक स्वास्थ्य में भी लाभदायी है । इससे काम, क्रोध, ईर्ष्या आदि मनोदोषों का शमन होता है । एकाग्रता विकसित होती है ।* *🔸ओस की बूँदों से युक्त हरी घास पर टहलना अधिक हितकारी हैं । यह नेत्रों के लिए विशेष लाभकारी है । वर्षा के दिनों में भीगी घास पर टहल सकते हैं ।* *🔸भ्रमण सामान्यरूप से शारिरिक क्षमता के अनुसार मध्यम गति से ही करें । सुश्रुत संहिता (चिकित्सा स्थान : २४.८०) में आता है : यत्तु चङ्क्रमणं नातिदेहपीडाकरं भवेत् । तदायुर्बलमेधाग्निप्रदमिन्द्रियबोधनम् ॥* *🔸'जो भ्रमण शरीर को अत्यधिक कष्ट नहीं देता वह आयु, बल एवं मेधा प्रदान करनेवाला होता है, जठराग्नि को बढ़ाता है और इन्द्रियों की शक्ति को जागृत करता है ।'* *🔹भ्रमण है अनेक रोगों में लाभकारी🔹* *🔸स्नायु दौर्बल्य, मानसिक रोग, अनिद्रा, स्वप्नदोष, सर्दी, खाँसी, सिरदर्द, कब्ज, दुबलापन और कमजोरी आदि में टहलना रामबाण औषधि है ।* *🔸इन रोगों में प्रातः भ्रमण का लाभ बताते हुए डॉ. कार्नेलिया ई. फिलिप्स, डी.ओ. कहते हैं : "मैं यह बात अपने ३० वर्षों के अनुभव से कह रहा हूँ, जिस अवधि में मैंने इन रोगों से पीड़ित न जाने कितने निराश, हताश और निरुपाय रोगियों को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ कराया है । इसलिए मुझे दृढ विश्वास हो गया है कि खोये हुए स्वास्थ्य को फिर से पाने का यह कुदरती तरीका इतना प्रभावशाली है कि इसके बारे में चाहे जितना भी कहा जाय उसमें अतिशयोक्ति नहीं होगी ।"* *🔸भ्रमण से मोटापा कम होता है, भूख खुलकर लगती है, पुराने कब्ज व अपच में यह उत्तम औषधि भ्रमण सामान्यरूप से अपनी शारीरिक क्षमता का काम करता है। यह युवकों में काम-वासना को नियंत्रित करता है ।* *🔹आधुनिक अनुसंधानों के परिणाम🔹* *आधुनिक अनुसंधानों में पाया गया है कि* *🔸पैदल चलने से संधिवात (arthritis) संबंधी दर्द कम हो जाता है । हर हफ्ते ५-६ मील (८-१० कि.मी.) तक पैदल चलने से संधिवात की बीमारी होने से भी बचा जा सकता है ।* *🔸 जैसे-जैसे पैदल चलना बढ़ता जाता है । डॉ. जे. बी. स्कॉट ने लिखा है 'मध्यम वैसे-वैसे कोरोनरी हृदयरोगों (हृदय की गति से भ्रमण करना अधिकांश व्यक्तियों के लिए रक्तवाहिनियों में अवरोध) के होने का जोखिम कम होता जाता है । आम जनता में कोरोनरी हृदयरोगों की रोकथाम के लिए भ्रमण को एक आदर्श व्यायाम के रूप में बढ़ावा देना चाहिए ।* *🔸 पैदल चलने से व्यक्ति की रचनात्मकता में औसतन ६० प्रतिशत तक की वृद्धि होती है ।* *🔸भ्रमण उच्च रक्तचाप (hypertension) व टाइप-2 डायबिटीज होने के जोखिम को कम करता है ।* *🔹ध्यान रखें🔹* *🔸घास न हो तो नंगे पैर भ्रमण न करें । नंगे पैर भ्रमण रोगकारक, नेत्रज्योति व आयु नाशक है । भ्रमण प्रदूषणरहित स्थान पर करें । यदि यह सुविधा न हो सके तो अपने घर की छत के ऊपर गमलों में तुलसी, मोगरा, गुलाब आदि लगाकर सुबह- शाम उनके आसपास पैदल चल सकते हैं ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Feb 28, 2026
‼️ Om Shang Shaneischaray Namah 🙏 Subha Shukravar or Govind Dwadashi ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Subha Dopahar Jii 🌹 Bhagwan ki Aasirbad se Aap ka Din Subha Mangalmay Rahe 🌹‼️

Radhe Radhe
Feb 28, 2026
‼️ ॐशं शनिश्चराय नमः 🪐 सूर्यपुत्र शनिदेव भगवान की कृपा दृष्टि सदा आप पर बनी रहे आपका दिन शुभ मंगलमय हो।।‼️
