
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
165 days ago
लड़का और लड़की का छोटा सा झगड़ा हुआ। लड़की ने गुस्से में कह दिया - "आज के बाद मुझे कभी फोन मत करना!" लड़के ने भी ईगो में आकर कह दिया "ठीक है, अब मैं तभी फोन करूँगा जब तुम खुद माफी माँगोगी।" पूरा दिन बीत गया, किसी ने फोन नहीं किया। रात के 3 बजे लड़के के फोन की घंटी बजी। उसने स्क्रीन पर लड़की का नाम देखा और गुस्से में फोन काट दिया। उसने सोचा -"इतनी जल्दी हार मान लीं? अभी तो और तड़पाऊंगा।" लड़की ने दोबारा फोन किया, लड़के ने फिर काट दिया और फोन 'Switch Off' करके सो गया। अगली सुबह जब उसने फोन ऑन किया, तो लड़की के भाई का मैसेज था - - "मेरी बहन नहीं रही। रात घर में चोर घुसे थे, उस डर के मारे तुम्हें फोन किया था... शायद उसे लगा था कि तुम उसे बचा लोगे।" लड़का आज भी उसी रात के 3 बजने का इंतज़ार करता है, पर अब उस नंबर से कभी घंटी नहीं बजती। नाराज़गी और गुस्से की भी एक लिमिट होती है। कभी-कभी आपकी एक 'नादानी' सामने वाले की पूरी जिंदगी छीन लेती है। माफी माँग लिया करो, क्योंकि मौत कभी बताकर नहीं आती.

Comments (4)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Mar 19, 2026
भगवान आपका भला करे धन्यवाद 🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Mar 19, 2026
dhanyawad god bless 🙏🕉️ tatsat

Saumya Sharma
Mar 18, 2026
बहुत ही सुन्दर पोस्ट 👌 के साथ बेहतरीन प्रसंग 👌👌👌 आपको भी गुड़ी पड़वा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं भाई जी 🙏

Rama Devi Sahu
Mar 18, 2026
Guru Gyaan हर मौके के लिए तैयार रहना ही सफलता है!!
