MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

161 days ago

🚩🐅 चैत्र नवरात्र का चतुर्थ दिवस 🐅🙏🏻 👣🐅 *जय माँ कुष्मांडा* 🐅👣 🙏🏻या देवी सर्वभूतेषु कुष्मांडा रुपेण संस्थिता।🌹 🙏🏻 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।🌹 नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के चौथे स्वरूप देवी कुष्माण्डा की पूजा होती है। माँ के समस्त रूपों की तरह ये अवतार भी अति मनमोहक और सभी सुख प्रदान करने वाला है। 🙏🏻 सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च ।🌷👣 🙏🏻दधाना हस्तपद्याभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु में।।👣 देवी कुष्मांडा ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदि शक्ति हैं। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। शब्द कुष्माण्डा का संधि विच्छेद कुछ इस प्रकार है- कुसुम का अर्थ है फूलों के समान हंसी (मुस्कान) और आण्ड का अर्थ है ब्रह्माण्ड अर्थात वो देवी जिन्होंने अपनी मंद (फूलों) सी मुस्कान से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने गर्भ से उत्पन्न किया है। इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है। वहाँ निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं। इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएँ प्रकाशित हो रही हैं। ब्रह्माण्ड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है। माँ कुष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी आराधना करने से भक्तों को तेज, ज्ञान, प्रेम, उर्जा, वर्चस्व, आयु, यश, बल, आरोग्य प्राप्त होता है। इनको साधने से भक्तों के सभी प्रकार के रोग, शोक, पीड़ा, व्याधि शारीरिक कष्ट समाप्त होते हैं। नवरात्र पूजन के चौथे दिन माँ कूष्माण्डा के पूजन, मंत्र जाप, ध्यान, स्तोत्र, कवच पाठ करने से सूर्य ग्रह से जुड़ी समस्त पीड़ाएं दूर हो जाती है। जिससे समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है।मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। 🚩माँ का स्वरूप...‼️ देवी कुष्मांडा की आठ भुजाएं हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमण्डल, धनुष बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। ये बाघ की सवारी करती हुई अष्टभुजाधारी मस्तक पर रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट पहने उज्जवल स्वरूप दुर्गा हैं। 🚩ध्यान...‼️ वन्दे वांछित कामर्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्। सिंहरूढा अष्टभुजा कुष्माण्डा यशस्वनीम्।। भास्वर भानु निभां अनाहत स्थितां चतुर्थ दुर्गा त्रिनेत्राम्। कमण्डलु चाप, बाण, पदमसुधाकलश चक्र गदा जपवटीधराम्।। पटाम्बर परिधानां कमनीया कृदुहगस्या नानालंकार भूषिताम्। मंजीर हार केयूर किंकिण रत्नकुण्डल मण्डिताम्।। प्रफुल्ल वदनां नारू चिकुकां कांत कपोलां तुंग कूचाम्। कोलांगी स्मेरमुखीं क्षीणकटि निम्ननाभि नितम्बनीम् ।। 🚩स्तोत्र...... दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्। जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्।। जगन्माता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्। चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्।। त्रैलोक्यसुंदरी त्वंहि दुरूख शोक निवारिणाम्। परमानंदमयी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्।। 🚩कवच....... हसरै मे शिर: पातु कूष्माण्डे भवनाशिनीम्। हसलकरीं नेत्रथ, हसरौश्च ललाटकम्।। कौमारी पातु सर्वगात्रे वाराही उत्तरे तथा। पूर्वे पातु वैष्णवी इन्द्राणी दक्षिणे मम। दिग्दिध सर्वत्रैव कूं बीजं सर्वदावतु।। भगवती कूष्माण्डा का ध्यान, स्तोत्र, कवच का पाठ करने से अनाहत चक्र जाग्रत हो जाता है, जिससे समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं तथा आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। 🚩उपासना मंत्र...‼️ सुरासम्पूर्णकलशं रूधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तुमे।। या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कुष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। 🚩अर्थ...‼️ हे माँ! सर्वत्र विराजमान और कुष्माण्डा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह मंत्र सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में चतुर्थ दिन यथासम्भव इसका जाप करना चाहिए। माँ कुष्मांडा आपकी सभी मनोकामना पूर्ण करें।👏 👣🐅।।जय माँ आदिशक्ति कुष्मांडा।।🐅👣

Post media

Comments (4)

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Mar 22, 2026

बहुत ही सुन्दर जानकारी 👌 अति उत्तम पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद दीदी 🙏 माता रानी जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏 आप सदैव स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनों के साथ हँसते मुस्कुराते रहें 🙏 यही शुभकामना है 🙏🌹☺️

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Mar 22, 2026

ॐ गं गणपतए नमः 🙏 आपको विनायकी चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं दी 🙏 बप्पा जी आपकी कृपा बरसाएं 🙏 यही शुभकामना है 🙏🌹☺️

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Mar 22, 2026

जय माता दी 🙏☺️🌹 दुर्गे स्मृताहर्षि भीतिमशेषजंतो स्वस्थेस्मृता मतिमतीव शुभाम् ददासी🙏, दारिद्र च दुःख भय हारिणी का त्वदन्या सर्वोपकारकरनाय सदार्दचित्ता 🙏 🌹☺️ या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः 🙏🌹☺️ आपको नवरात्रि महापर्व के चतुर्थ दिन माता कूष्मांडा पूजा व्रत की हार्दिक बधाई और अनेकानेक शुभकामनाएं मेरी प्यारी दीदी 🙏🌹☺️ माता रानी आप सपरिवार पर अपनी कृपा बरसाएं 🙏🌹☺️

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Mar 22, 2026

जय श्री राधे कृष्ण बहना जी 🙏🌹☺️