
Rama Devi Sahu
245 days ago
: एक अद्भुत रहस्य: आखिर नन्हे कन्हैया अपने पैर का अंगूठा क्यों पीते थे? 🤔✨ श्रीकृष्ण की बाललीलाएँ देखने में जितनी भोली और सामान्य लगती हैं, उनके पीछे का भाव उतना ही गहरा और रसीला होता है। ऐसी ही एक मनमोहक लीला है बालकृष्ण द्वारा अपने ही पैर के अंगूठे को मुँह में लेना। 👶👣 अक्सर हम इसे एक सामान्य बच्चे की क्रीड़ा समझ लेते हैं, लेकिन संतों और रसिकों ने इस लीला के पीछे एक अद्भुत आध्यात्मिक रहस्य खोज निकाला है। 🌺 संतों की दृष्टि में इस लीला का भाव: संतों का मानना है कि सच्चिदानन्दघन प्रभु स्वयं यह जानने के लिए उत्सुक हो उठे थे कि आखिर उनके चरण-कमलों में ऐसी कौन सी मिठास है! वे सोचते थे: ❓ क्यों ब्रह्मा, शिव और बड़े-बड़े ऋषि-मुनि दिन-रात इन चरणों की वंदना करते हैं? ❓ कैसे इन चरणों के स्पर्श मात्र से पत्थर बनी अहिल्या तर गई? ❓ इन चरणों से निकली गंगा (विष्णुपदी) कैसे सारे संसार के पाप धोती है? ❓ क्यों ये चरण गोपियों और माता लक्ष्मी के हृदय में सदा विराजते हैं? स्वयं प्रभु को हुई जिज्ञासा! भक्त कहते हैं कि जब बड़े-बड़े मुनीश्वर स्वर्ग के अमृत को छोड़कर मेरे चरण-कमलों के रस (मककरंद) का पान करते हैं, तो निश्चित ही यह अमृत से भी अधिक स्वादिष्ट होगा! बस, अपनी ही 'चरण-रज' की इसी महिमा और मिठास को परखने के लिए, बालकृष्ण अपने पैर का अंगूठा पीकर उसका रसास्वादन करने की लीला करते थे। "नन्हे श्याम की नन्ही लीला, भाव बड़ा गम्भीर रसीला।" जय श्री कृष्ण! 🙌❤️

Comments (4)

Rama Devi Sahu
Dec 31, 2025
🙏‼️ Jai Shree Krishna ‼️🙏 Suprabhat Bahana 😊 Jii ❤️ Bhagwan ki Asim Kripa se Aap or Aap ke Pure Parivar pr Hamesha Bani Rahe ❤️🥀❤️

Riya Riya 💖💖
Dec 28, 2025
🙏🌹Jai shree krishna🌹🙏 shubh ratri bonu🤗❤🥀🥀

Rama Devi Sahu
Dec 28, 2025
🙏‼️ Jai Shree Krishna ‼️🙏 Bhagwan ki Aasirbad se Aap or Aap ke Pure Parivar pr Hamesha Bani Rahe 🙏 Aap ka Ratri Sukhd or Mangalmay Ho Bhai Sahab ❤️ Subha Ratri 😊 Jii ❤️

Dr Anurag Prajapati
Dec 28, 2025
जय हो देवकी नंदन की।। भगवान श्री कृष्ण की असीम कृपा बनी रहे आप पर और आपके परिवार पर दीदी।।शुभ संध्या दीदी
