
Rama Devi Sahu
392 days ago
|| श्री राधा || तीर्थ स्नान का उद्देश्य मन और आत्मा की शुद्धि करना है, लेकिन यदि व्यक्ति की रुचि विषय भोगों में है, तो तीर्थ स्नान का कोई लाभ नहीं होता है। विषय भोगों में रुचि रखने से व्यक्ति का मन और आत्मा अशुद्ध होता है, क्योंकि: 1. विषय भोगों में रुचि रखने से मोह और लालच बढ़ती है 2. विषय भोगों में रुचि रखने से आत्म-ज्ञान और आत्म-विकास रुक जाता है 3. विषय भोगों में रुचि रखने से मन में अशांति और विकार बढ़ते हैं इसके विपरीत, जब व्यक्ति विषय भोगों से दूरी बनाता है और आत्म-ज्ञान और आत्म-विकास पर ध्यान देता है, तो उसका मन और आत्मा शुद्ध होता है। इसलिए, तीर्थ स्नान के साथ-साथ विषय भोगों से दूरी बनाना और आत्म-ज्ञान पर ध्यान देना आवश्यक है ताकि मन और आत्मा शुद्ध हो सके। 🌹🍂जय श्री रा - राधा म - माधव 🍂🌹

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