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*प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय* नालंदा महाविहार केवल एक विश्वविद्यालय नहीं था, बल्कि प्राचीन भारत की ज्ञान, शोध और सनातन परंपरा का विश्वविख्यात केंद्र था। 5वीं शताब्दी से लेकर कई शताब्दियों तक यहाँ भारत, चीन, कोरिया, तिब्बत और दक्षिण-पूर्व एशिया से विद्यार्थी अध्ययन हेतु आते थे, जहाँ दर्शन, व्याकरण, गणित, खगोल, चिकित्सा और तर्कशास्त्र जैसे विषय पढ़ाए जाते थे। इसके विशाल पुस्तकालयों में लाखों पांडुलिपियाँ सुरक्षित थीं, जो उस युग में भारत की अद्वितीय ज्ञान-संपदा का प्रतीक थीं। इस्लामिक आक्रमणकारियों के द्वारा नष्ट किए जाने के बाद आज भी इसके अवशेष उस गौरवशाली परंपरा की गवाही देते हैं, जब भारत विश्व को ज्ञान का मार्ग दिखाने वाला अग्रणी केंद्र था। *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

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