
Rama Devi Sahu
129 days ago
गंगा नदी को धरती पर लाने की कथा गंगा दशहरा की अनोखी कथा..... पुरातन युग में अयोध्या के पराक्रमी सम्राट महाराज सगर ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ की सफलता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अपने पौत्र अंशुमान को इसका दायित्व सौंपा। यज्ञ के नियमानुसार, एक विशेष अश्व (घोड़ा) को खुले मैदान में छोड़ा गया, परन्तु देवताओं के राजा इंद्र ने छल से उस घोड़े को चुरा लिया और उसे पाताल लोक में स्थित महर्षि कपिल के आश्रम में बाँध दिया। अश्व की खोज में सगर के साठ हजार पुत्रों ने धरती की खुदाई प्रारंभ की। जब वे अंततः कपिल मुनि के आश्रम पहुँचे, तो वहाँ का कोलाहल देखकर मुनि की साधना भंग हो गई। क्रोधित कपिल मुनि ने जैसे ही अपनी नेत्र खोले, उनकी तपस्या की ज्वाला से समस्त सगर पुत्र भस्म हो गए। बाद में अंशुमान वहाँ पहुँचे और उन्होंने गरुड़ जी से अपने चाचाओं की दुर्दशा के बारे में जाना। गरुड़ ने उन्हें बताया कि उनके पूर्वजों को मोक्ष केवल तब ही मिलेगा, जब स्वर्ग से गंगा नदी को धरती पर लाया जाएगा और उसके पावन जल से उनका तर्पण किया जाएगा। अंशुमान ने यज्ञ का घोड़ा वापस ले जाकर सगर को समस्त घटनाक्रम बताया। राजा सगर, अंशुमान और उनके पुत्र दिलीप—तीनों ने गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए कठिन प्रयास किए, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। समय बीतता गया, और अंततः दिलीप के पुत्र भागीरथ ने इस दायित्व को उठाया। उन्होंने हिमालय की कंदराओं में जाकर कठोर तपस्या की। उनकी अटल साधना से प्रसन्न होकर देवी गंगा प्रकट हुईं और पृथ्वी पर अवतरित होने का वचन दिया। लेकिन उन्होंने चेताया कि उनके वेग को धरती सह नहीं पाएगी। भागीरथ ने तब भगवान शिव की आराधना की। शिव जी ने उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर गंगा को अपनी जटाओं में समेट लिया और फिर एक लट खोलकर उन्हें सात धाराओं में पृथ्वी पर प्रवाहित किया। इस प्रकार गंगा का धरती पर आगमन हुआ। गंगा की धारा भागीरथ के पीछे-पीछे चलती हुई उस स्थान तक पहुँची जहाँ सगर पुत्रों की राख पड़ी थी। उनके अवशेषों पर गंगा जल अर्पित करते ही उनकी आत्माओं को मोक्ष प्राप्त हुआ। इसी पुण्य कार्य के कारण गंगा को ‘भागीरथी’ कहा जाता है और उनके अवतरण दिवस को ‘गंगा दशहरा’ के रूप में मनाया जाता है, जो धर्म, तप, भक्ति और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। ((((((( जय जय श्री राधे ))))))) ~~~~~~~~~~~~~~~~~

Comments (14)

Rama Devi Sahu
Apr 23, 2026
🌹🔱🌹 Jai Shree Mahakaal 🌹🔱🌹 Hari Om 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Apr 23, 2026
Ji Shukriya 🌹 Hari Om 🌹

Rama Devi Sahu
Apr 23, 2026
🙏‼️ Hari Om Tat Sat ‼️🙏

Rama Devi Sahu
Apr 23, 2026
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏

Rama Devi Sahu
Apr 23, 2026
🙏🌹 Om Shree Lakshmi Narayan Namo Namah ‼️🙏

Rama Devi Sahu
Apr 23, 2026
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏

Rama Devi Sahu
Apr 23, 2026
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏

Mayank S
Apr 23, 2026
Jay Ho Hari Narayan ki Jay Shri Mahakal🙏

Sanjay Ahlawat
Apr 23, 2026
बहुत ही सुन्दर पोस्ट है धन्यवाद शुभ दोपहर

shreekantupadhyay
Apr 23, 2026
हरि ॐ 🌹🌹🌹
