
Rama Devi Sahu
76 days ago
ॐ घृणिः सूर्याय नमः🙏 🗓️ मिथुन संक्रान्ति: 15 जून 2026, सोमवार 🗓️ संक्रान्ति क्षण: दोपहर 12:59 बजे 🗓️ महापुण्यकाल: दोपहर 12:59 से 03:19 बजे तक मिथुन संक्रान्ति के दिन सूर्यदेव वृषभ राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं। संक्रान्ति तिथि स्नान, दान और सूर्य उपासना के लिए विशेष पवित्र मानी जाती है। इसी समय से सूर्य पंचांग का मिथुन मास प्रारंभ होता है और प्रकृति वर्षा ऋतु की ओर बढ़ने लगती है। इस दिन प्रातः स्नान के बाद तांबे के पात्र में जल, अक्षत, लाल पुष्प और थोड़ा गुड़ रखकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। श्रद्धा से “ॐ घृणिः सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें। अपनी क्षमता अनुसार जल, अन्न, फल, वस्त्र या गुड़ का दान करें। ओडिशा में इसी अवधि में राजा परबा की सुंदर परंपरा मनाई जाती है, जिसमें धरती और प्रकृति के प्रति सम्मान का भाव प्रकट होता है। भारतीय सनातन परंपरा में संक्रान्ति केवल ज्योतिषीय परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रकृति, समय और जीवन-चक्र के प्रति सजगता का पर्व है।

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