
प्रशांत कुमार मिश्रा
1 hours ago
परिवार में धैर्य और प्यार रखें, समाज में धैर्य और सम्मान, स्वयं में धैर्य और आत्मविश्वास, और प्रार्थना में धैर्य के साथ आस्था—यही जीवन को भीतर से सुंदर बनाता है। आइए, लोगों से प्रेम करें, धरती से प्रेम करें, मिट्टी से प्रेम करें, खेत-खलिहानों से प्रेम करें; अपनी संस्कृति, अपनी भाषा, अपने रीति-रिवाजों और अपने संविधान से भी प्रेम करें। क्योंकि ये केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि पीढ़ियों की स्मृतियों, संघर्षों, संवेदनाओं और विश्वासों की विरासत हैं। भिन्नताओं में भी अपनापन खोजें, विचारों में असहमति हो तो भी सम्मान बनाए रखें और मन में इतना धैर्य रखें कि प्रेम कभी हार न जाए। अपने भीतर विश्वास की ज्योति जलाए रखें और दूसरों के जीवन में आशा की एक छोटी-सी रोशनी बनें। आप सभी का दिन शुभ हो, मंगलमय हो; रात्रि शांति, संतोष और प्रेम से भरी हो। शुभ मंगल हो—शुभ प्रभात 🙏 केशव कृष्ण

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