
Rama Devi Sahu
307 days ago
👏🏻👏🏻*_परम पूज्य परम भागवत पंडित जी महाराज के एक प्रवचन का अंश_*👏🏻👏🏻 🌹*_साधन - मार्च - 2006_*🌹 🌹🌹परमेश्वर का भजन करना ठीक है या अपना कर्तव्य पालन करना।आदमी यदि अपना कर्तव्य पालन करता जाये तो उसे भजन की आवश्यकता है या नहीं।यदि आदमी कर्तव्य पालन करता जाये तो ठीक है, उसे मुक्ति मिल सकती है।तब फिर उसे भजन की आवश्यकता क्या है? उसे भजन की आवश्यकता इसलिये है कि वह उस कर्तव्य को समझ ले क्योंकि कर्तव्य समझ में देर में आता है।यह समझ में हाल नहीं आता।इसलिये जो कर्तव्य का पालन करते हैं वे पहले ईश्वर का थोड़ा ध्यान कर लेते हैं तो उन्हें कर्तव्य मालूम हो जाता है और फिर कर्तव्य का पालन कर लेते हैं तो उनको शांति मिलती है, मुक्ति मिलती है, आनन्द मिलता है।इसलिए कर्तव्य का पालन करने के लिए ही मनुष्य को परमात्मा का ध्यान करना चाहिए।जब तक मनुष्य परमात्मा का ध्यान नहीं करेगा तब तक वह यह नहीं जान सकेगा कि मेरा कर्तव्य क्या है।यह है खास बात। क्योंकि जब तक ईश्वर की तरफ वह नहीं देखता तब तक उसको सच्चा ज्ञान नहीं होता और जब तक वह उधर नहीं जाता तब तक इसी ज्ञान में,अपने मन के ज्ञान में अपने कर्तव्य को समझता रहता है।वह संसार के कामों में ठीक तरह से अपने को नहीं ले जा पाता और वह काम करता है जो अपने मन की रुचि के अनुसार होते हैं।ठीक-ठीक नहीं कर पाता, सच्चाई वह नहीं जान सकता।इसीलिये मनुष्य का परम कर्तव्य यह है कि रोजाना थोड़ी देर भगवान का ध्यान कर ले।🌹🌹 🌹🌹एक तो होता है कर्तव्य और एक है परम कर्तव्य।परम कर्तव्य भगवान ने यही बताया है कि तुम रोजाना थोड़ी देर बैठ कर परमात्मा का ध्यान करो।परमात्मा के ध्यान से तुम्हारे दिव्य चक्षु खुलेंगे, तुम्हारे ज्ञान के नेत्र।जैसे ये नेत्र उठते हैं तो आदमी रास्ता ठीक चला जाता है, उसे ठोकरें नहीं लगतीं, इसी तरह जिनके अन्दर ज्ञान का प्रकाश होता है, ज्ञान के नेत्र जिनके खुले हुए होते हैं वे इस सूक्ष्म दुनिया में ठीक तरह से चले जाते हैं, वे फिर उसमें नहीं अटकते।🌹🌹 🌹🌹 आप देखिये जहाँ-जहाँ मनुष्यों पर विपत्तियाँ आई हैं, वहाँ पर यही देखा है कि वे अपने कर्तव्य का पालन नहीं करते और जहाँ कर्तव्य का पालन किया वहाँ विपत्तियाँ उन्हें आती हुई दुःखी नहीं करतीं, शान्ति से उन्हें पार करते हैं।इसीलिये सवेरे-शाम बैठ कर मनुष्य को भगवान का ध्यान अवश्य करना चाहिए।👏🏻👏🏻 🌹🌹श्री सदगुरुदेव भगवान जी के श्री चरणार्विन्दों में कोटिश: नमन्।🌹🌹
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