
Rama Devi Sahu
6 days ago
नवरात्रि के आखिरी दिनों में हमारे घरों में एक परंपरा बड़े श्रद्धा-भाव से निभाई जाती है। अष्टमी या नवमी के दिन छोटी-छोटी बच्चियों को घर बुलाया जाता है, उनके पैर धोए जाते हैं, माथे पर तिलक लगाया जाता है, उन्हें भोजन कराया जाता है और फिर उपहार या दक्षिणा देकर विदा किया जाता है। _________ कहीं इसे कन्या पूजन कहते हैं, तो कहीं कंजक या कंजिका पूजा। बहुत से घरों में नौ कन्याओं के साथ एक बालक को भी भैरव या लांगुर के रूप में भोजन कराने की परंपरा है। कुछ परिवार अष्ट कन्या पूजन भी करते हैं। रीति-रिवाज अलग हो सकते हैं, लेकिन इस पूजा के पीछे भाव एक ही है.. कन्या में देवी का स्वरूप देखना। ____________ कन्या पूजन का धार्मिक आधार देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कंध, 26वें अध्याय में मिलता है। इसमें अलग-अलग उम्र की कन्याओं को देवी के विभिन्न नामों और रूपों से जोड़कर उनके पूजन का वर्णन किया गया है। ____________ यह परंपरा हमें याद दिलाती है कि देवी की शक्ति केवल मंदिर में स्थापित मूर्ति तक सीमित नहीं मानी जाती, बल्कि बालिका में भी दिव्य शक्ति का भाव देखा जाता है। ___________ कन्या पूजन के पीछे किसी एक प्रसिद्ध असुर-वध की कथा को ही इसका एकमात्र कारण बताना सही नहीं होगा; इसके पीछे देवी को कन्या के रूप में पूजने की व्यापक धार्मिक परंपरा है। _____________ परंपरागत मान्यता के अनुसार, दो से दस वर्ष तक की कन्याओं के नौ रूप बताए गए हैं। दो वर्ष की कन्या कुमारी, तीन वर्ष की त्रिमूर्ति, चार वर्ष की कल्याणी, पाँच वर्ष की रोहिणी, छह वर्ष की कालिका, सात वर्ष की चंडिका, आठ वर्ष की शांभवी, नौ वर्ष की दुर्गा और दस वर्ष की सुभद्रा कहलाती हैं। ___________ इसी कारण कन्या पूजन में आम तौर पर दो से दस वर्ष तक की बच्चियों को शामिल किया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में उम्र की व्याख्या में थोड़ा अंतर भी मिलता है। ____________ कन्या पूजन के दिन घर की परंपरा के अनुसार अष्टमी या नवमी को सुबह स्नान करके माँ दुर्गा की पूजा की जाती है। इसके बाद बच्चियों को आदर के साथ घर बुलाया जाता है। उनके पैर धोकर तिलक लगाया जाता है, फिर हलवा, पूरी, चने या घर में बने सात्त्विक भोजन का प्रसाद प्रेम से परोसा जाता है। __________ भोजन के बाद सामर्थ्य के अनुसार फल, उपहार या दक्षिणा दी जाती है। कई परिवार एक बालक को भी भैरव के प्रतीक के रूप में भोजन कराते हैं। सबसे ज़रूरी बात यह है कि बच्चियों को सम्मान और स्नेह के साथ विदा किया जाए। यदि नौ बच्चियाँ न मिलें, तो अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार जितनी बच्चियाँ उपलब्ध हों, उनका पूजन किया जा सकता है। ___________ लेकिन अब ज़रा पूजा से आगे बढ़कर अपने समाज की ओर भी देखिए। हम नौ दिनों तक माँ दुर्गा की आराधना करते हैं, छोटी बच्चियों के पैर धोते हैं, उन्हें देवी मानकर भोजन कराते हैं और उनके सुखी जीवन की कामना करते हैं। ___________ फिर यही समाज बेटी के जन्म पर उदास क्यों हो जाता है? आज भी बेटियों को गर्भ में मारने की घटनाएँ सामने आती हैं, दहेज के लिए बहुओं को प्रताड़ित किया जाता है, छोटी बच्चियों के साथ यौन हिंसा होती है और सड़क पर चलती लड़कियों को गंदी नज़रों तथा अश्लील हरकतों का सामना करना पड़ता है। __________ दुख की बात तो यह है कि उम्रदराज़ महिलाएँ भी कई बार उत्पीड़न से सुरक्षित नहीं हैं। आखिर हमारी पूजा और हमारे व्यवहार के बीच इतनी बड़ी दूरी क्यों है? ____________ जिस बच्ची के पैर हम देवी समझकर धोते हैं, उसी बच्ची की सुरक्षा के लिए हम कितने जागरूक हैं? जिस बेटी को पूजा में उपहार देते हैं, क्या घर में उसे अपनी बात रखने का अधिकार भी देते हैं? _____________ जिस कन्या को माँ दुर्गा का रूप मानते हैं, क्या सड़क, स्कूल, घर और कार्यस्थल पर उसकी गरिमा की रक्षा के लिए आवाज़ उठाते हैं? अगर कोई बच्ची अपने ही आसपास सुरक्षित नहीं है, तो केवल कन्या पूजन कर लेने से हमारी ज़िम्मेदारी पूरी कैसे हो सकती है? ____________ कन्या पूजन का असली भाव केवल एक दिन बच्चियों के पैर धोना नहीं, बल्कि उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में जगह देना भी है। ___________ बेटी को जन्म लेने का अधिकार मिले, उसे पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिले, उसकी बात सुनी जाए और उसके साथ होने वाले अन्याय पर समाज चुप न रहे। यही वे बातें हैं, जिनसे हमारी श्रद्धा हमारे व्यवहार में दिखाई देगी। ___________ माँ दुर्गा की मूर्ति के सामने सिर झुकाना हमारी आस्था है, लेकिन किसी बच्ची की गरिमा बचाने के लिए खड़े होना हमारी इंसानियत है। ___________ इस नवरात्रि कन्या पूजन ज़रूर कीजिए, बच्चियों को प्रेम से भोजन कराइए, उनका आशीर्वाद लीजिए... लेकिन उनके लिए एक ऐसा सम

Comments (4)

Rama Devi Sahu
Oct 16, 2026
🎎नव दुर्गा का छठवां रूप 🌺🎎 🦁👣 मां कात्यायनी देवी 👣 🦁 🔯शारदीय नवरात्र का छठवां दिन🔯 🌻💥सुप्रभात💥🌻 🙏*II मां कात्यायनी स्तुति मंत्र II*🙏 🕉या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥🕉 👏आपको और आपके पूरे परिवार को शारदीय नवरात्र के छठवें दिन शुभ सुबह की हार्दिक शुभकामनाएँ🙏 👣आप सभी पर मां कात्यायनी देवी की आशीर्वाद सदैव आप सभी पर बनी रहे और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो🙏 🌻आपका दिन शुभ और मंगलमय हो🌹 🚩👣जय माता दी 👣🚩

Rama Devi Sahu
Oct 16, 2026
🎎नव दुर्गा का छठवां रूप 🌺🎎 🦁👣 मां कात्यायनी देवी 👣 🦁 🔯शारदीय नवरात्र का छठवां दिन🔯 🌻💥सुप्रभात💥🌻 🙏*II मां कात्यायनी स्तुति मंत्र II*🙏 🕉या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥🕉 👏आपको और आपके पूरे परिवार को शारदीय नवरात्र के छठवें दिन शुभ सुबह की हार्दिक शुभकामनाएँ🙏 👣आप सभी पर मां कात्यायनी देवी की आशीर्वाद सदैव आप सभी पर बनी रहे और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो🙏 🌻आपका दिन शुभ और मंगलमय हो🌹 🚩👣जय माता दी 👣🚩

Shah 🩷
Oct 16, 2026
🌺 जय माता दी! 🙏🚩 माँ कात्यायनी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आए। 🌸 छठे नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🙏

Savita om namah shivay 🙏🌹
Oct 16, 2026
jai mata di 🙏🌹
