
बद्रीप्रसादअसाटी
298 days ago
🚩🚩🌺🕉️🚩🌺🕉️🚩🌺🕉️ *🚩🌺05 नवंबर 2025🚩🌺* *🚩🌺सतिगुरु नानकु प्रगिटया,* *🚩🌺मिटी धुंधु जगि चानणु होआ।* *🚩🕉️श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के पावन पर्व के अवसर पर समस्त जगत को कोटि-कोटि नमन।* *🚩🌺सतिगुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व हम सभी के जीवन में एक नई रोशनी लेकर आता है। उनकी महान बाणी हमें सिखाती है कि 'एको नाम हुकुम है सतगुरु दिया बुझाई जियो' अर्थात् ईश्वर के नाम का निरंतर जप और सतगुरु की आज्ञा का पालन ही जीवन का सच्चा मार्ग है।* *🚩🌺गुरु नानक देव जी ने हमें नाम जपना, किरत करना और वंड छकना जैसे तीन कर्तव्यों की शिक्षा दी, जो हमारी आत्मा को शुद्ध करके परमात्मा से जोड़ते हैं। उन्होंने हमें मानवता, प्रेम, समानता और निस्वार्थ सेवा का संदेश दिया ताकि हम सभी मिल-जुलकर एक न्यायपूर्ण समाज का निर्माण कर सकें।* *🚩🌺श्री गुरु नानक देव जी के उपदेश है कि हमें ईमानदारी से मेहनत करनी चाहिए, परिश्रम से कमाई करनी चाहिए और उदारता के साथ जो धन हमें प्राप्त हो, उसका कुछ हिस्सा जरूरतमंदों को देना चाहिए।* *🚩🌺गुरु नानक देव जी की वाणी में मिलती है यह प्रेरणा कि 'नीचा अंदर नीच जात, नीची हूं अति नीच। नानक तिन के संगी साथ, वडियां सिऊ कियां रीस।' यानी ईश्वर की नजर में कोई छोटा-बड़ा नहीं, सभी समान हैं। उनके सिखाए मार्ग पर चलकर हम अपने जीवन को प्रेम, शांति और समृद्धि से भर सकते हैं।* *🚩🌺इस पावन अवसर पर हम सबको उनके उपदेशों की मिसाल बनाकर सच्चाई, सेवा और भलाई के पथ पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।* *🚩🌺श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से हमारे अंधकार मिटें और हम सभी के जीवन में दिव्यता आए। श्री गुरु नानक देव जी की कृपा हम पर सदैव बनी रहे।* *🚩🌺गुरु नानक देव जी की बाणी, 'गुरु ग्रंथ साहिब' का प्रकाश, हमारे जीवन को आलोकित करता है। उनकी दिव्य शिक्षाओं का सार है: "नाम जपो, किरत करो, वंड छको"।* *🚩🌺नाम जपो: इसका अर्थ है कि हमें हर पल ईश्वर के नाम का स्मरण करना चाहिए। उनकी बाणी कहती है, "नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार।" अर्थात गुरु नानक नाम एक जहाज है, जो इस पर चढ़ता है, वह पार हो जाता है। यह नाम-जप ही हमें भवसागर से पार कराता है और मन को शुद्ध करता है।* *🚩🌺किरत करो: सच्ची मेहनत और ईमानदारी से आजीविका कमाना। गुरु जी ने हमें सच्ची लगन और निष्ठा से काम करने का उपदेश दिया।* *🚩🌺वंड छको: अपनी कमाई और खुशियों को दूसरों के साथ बाँटना। यह सेवा, प्रेम और समानता का प्रतीक है।* *🚩🌺इस शुभ अवसर पर, हम गुरु नानक जी के बताए 'एक ओंकार' के सिद्धांत को हृदय में धारण करें, जो ईश्वर की एकता और सर्वव्यापकता का बोध कराता है। उनकी शिक्षा हमें जाति, धर्म के भेद से ऊपर उठकर मानवता और भाईचारे का मार्ग दिखाती है।* *🚩🌺गुरु जी का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सत्य की ज्योति जगाए रखे।* *🚩🌺जब-जब अंधकार और अन्याय ने धरती को ढका, तब-तब ईश्वर ने सच्चे मार्गदर्शक के रूप में गुरु का अवतरण किया। श्री गुरु नानक देव जी ने “एक ओंकार सतनाम, करता पुरख, निर्भउ, निरवैर” के अमर संदेश से मानवता को एकता, प्रेम और सत्य का प्रकाश दिया।* *🚩🌺उनकी बाणी — “मन जीतै जग जीत” — हमें आत्मविजय का मार्ग दिखाती है। उन्होंने सिखाया कि सच्चा धर्म किसी बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि सेवा, सिमरन और सब में प्रभु दर्शन में है।* *🚩🌺गुरु नानक देव जी की यह वाणी आज भी युगों-युगों तक मानवता को प्रेरित करती रहेगी —“न को बैरी नाही बेगाना, सगल संग हम कउ बनि आई” — अर्थात्, कोई पराया नहीं, सबमें वही एक प्रभु है।* *🚩🌺इस पवित्र दिन पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि नानक की बाणी को जीवन में उतारें — सत्य बोलें, सेवा करें और प्रेम से जग को आलोकित करें।* *🚩🌺श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के पावन पर्व हार्दिक शुभकामनाएं!* *🚩🌺वाहेगुरु जी का खालसा,* *🚩🌺वाहेगुरु जी की फतेह!* 🚩🌺🕉️🚩🌺🕉️🚩🌺🕉️🚩

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
