
Rama Devi Sahu
3 hours ago
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को 'बहुला चतुर्थी' या 'बहुला चौथ' कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश, श्री कृष्ण और गाय-बछड़े की पूजा का विधान है। पौराणिक कथा द्वापर युग में जब भगवान श्री कृष्ण गोकुल में लीलाएं कर रहे थे, उस समय नंदबाबा की गौशाला में 'बहुला' नाम की एक अत्यंत सुशील और गुणवान गाय थी। वह अपने बछड़े से अत्यधिक प्रेम करती थी और भगवान श्री कृष्ण को भी अत्यंत प्रिय थी। एक दिन भगवान श्री कृष्ण ने बहुला की भक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सत्यवादिता की परीक्षा लेने का विचार किया। जब बहुला जंगल में हरी घास चरने गई, तो वह चरते-चरते अपनी झुंड से बिछड़कर घने जंगल में पहुंच गई। तभी मार्ग में एक भूखा और खूंखार शेर (जो स्वयं श्री कृष्ण का मायावी रूप था) उसके सामने आ गया। शेर को देखकर बहुला भयभीत नहीं हुई, बल्कि हाथ जोड़कर विनती की, "हे वनराज! मेरा छोटा बछड़ा घर पर भूखा मेरी प्रतीक्षा कर रहा है। वह अभी केवल मेरा ही दूध पीता है। आप मुझे आज्ञा दें कि मैं घर जाकर उसे तृप्त कर आऊं। उसे दूध पिलाकर और किसी अन्य गाय को उसका दायित्व सौंपकर मैं स्वयं आपका आहार बनने वापस लौट आऊंगी।" शेर ने पहले तो अविश्वास जताया कि कोई प्राणी मृत्यु के मुंह में दोबारा क्यों आएगा। किंतु बहुला ने सत्य और धर्म की शपथ ली, जिस पर शेर ने उसे घर जाने की अनुमति दे दी। बहुला अपने घर लौटी, बछड़े को भरपेट दूध पिलाया, उसे खूब दुलार किया और अन्य गौ-माताओं को उसका ध्यान रखने को कहकर तुरंत उसी स्थान पर लौट आई जहां शेर बैठा था। बहुला को नियत समय पर वापस देखकर शेर अत्यंत चकित और प्रसन्न हुआ। तभी भगवान श्री कृष्ण अपने वास्तविक चतुर्भुज रूप में प्रकट हो गए और बोले— "हे बहुला! तुम धर्म, सत्य और ममता की परीक्षा में पूर्णतः सफल रही हो।" भगवान श्री कृष्ण ने वरदान दिया कि भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी के दिन जो भी माताएं बहुला गाय और भगवान गणेश की पूजा करेंगी, उनकी संतान दीर्घायु होगी, परिवार में सुख-शांति आएगी और संकटों से मुक्ति मिलेगी। व्रत और पूजा के मुख्य नियम इस दिन भगवान गणेश और बहुला गाय सहित बछड़े की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजन किया जाता है। पूजा में दूर्वा, रोली, चंदन, फूल और विशेष रूप से बाजरे या जौ के सत्तू का भोग लगाया जाता है। व्रती इस दिन गाय का दूध और उससे बने उत्पादों का सेवन नहीं करते हैं। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।


Comments (2)

Rama Devi Sahu
Aug 31, 2026
जय श्री राधे कृष्ण 🙏 हर हर महादेव 🌹🙏 आप को सुप्रभात वंदन 🙏 शिव परिवार की कृपा आप सपरिवार पर सदा बनी रहे 🙏🌿

R k jangid phulera Jaipur
Aug 31, 2026
जय भोलेनाथ जी की भोलेनाथ जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे 🌿🙏
