
Rama Devi Sahu
6 days ago
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞* 🌤️ *दिनांक - 16 अक्टूबर 2026* 🌤️ *दिन - शुक्रवार* 🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌤️ *शक संवत -1948* 🌤️ *अयन - दक्षिणायन* 🌤️ *ऋतु - शरद ॠतु* 🌤️ *मास - आश्विन* 🌤️ *पक्ष - शुक्ल* 🌤️ *तिथि - षष्ठी 17 अक्टूबर प्रातः 05:54 तक तत्पश्चात सप्तमी* 🌤️ *नक्षत्र - ज्येष्ठा सुबह 06:47 तक मूल* 🌤️ *योग - शोभन रात्रि 10:06 तक तत्पश्चात अतिगण्ड* 🌤️ *राहुकाल - सुबह 10:57 से दोपहर 12:24 तक* 🌤️ *सूर्योदय - 06:35* 🌤️ *सूर्यास्त - 06:12* 👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण - सरस्वती आवाहन* 🚩 *विशेष- *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)* 💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।* 🌷 *शारदीय नवरात्रि* 🌷 *🚩मां कात्यायनी🚩* 🚩*मां दुर्गा की छठवीं शक्ति हैं मां कात्यायनी। नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। मान्यता है इनकी पूजा करने से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। साधक को रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। कहा जाता है कि मां कात्यायनी की उपासना करने से जातक के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।* 🚩*पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने मां भवानी की उपासना की थी और उनकी कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने उनकी बेटी के रूप में जन्म लिया था। इसलिए यह देवी मां कात्यायनी कहलाईं।* 🚩*मां कात्यायनी का स्वरूप:* 🚩*मां की चार भुजाएं हैं। दाईं ओर का ऊपर वाला हाथ अभय मुद्रा में है। नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में हैं। मां के बाईं ओर के ऊपर वाले हाथ में तलवार है और नीचे वाले हाथ में कमल का फूल है। मां का वाहन सिंह है।* 🚩*मां कात्यायनी की पूजा:* 🚩*नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी की पूजा करने के लिए सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके मां दुर्गा और मां कात्यायनी का ध्यान करें।* 🚩*मां कात्यायनी का प्रिय भोग:* *धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी का प्रिय भोग शहद है। मां को शहद और शहद से बनी चीजों का भोग लगाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।* 🚩*नवरात्रि के छठे दिन का शुभ रंग और पुष्प:* *मां कात्यायनी को लाल प्रिय है। नवरात्रि के छठे दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इस दिन मां को गुड़हल और गुलाब के फूल अर्पित करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और मनवांछित फल देती हैं।* 🚩*मां कात्यायनी के पूजा की आसान विधि:* *सबसे पहले पूजा स्थल पर मां कात्यायनी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।* *अब गंगाजल से पूजा स्थल को पवित्र करें और मां के सामने घी का दीपक जलाएं।* *मां को रोली, अक्षत, पुष्प और चुनरी आदि अर्पित करें।* *मां कात्यायनी को शहद या शहद से बनी मिठाई का भोग लगाएं।* *इसके बाद मां कात्यायनी के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें:* *दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।* *अंत में मां की आरती करें और परिवार की तरक्की और सुख-समृद्धि की कामना करें।* 🚩*मां कात्यायनी बीज मंत्र:* *ॐ देवी कात्यायन्यै नमः ॥* या *ॐ ह्रीं नमः ॥* 🚩*स्तुति मंत्र-* *चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना ।* *कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी ॥* 🚩*ध्यान मंत्र-* *या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता ।* *नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥* *🌞~ हिन्दू पंचांग ~🌞*

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