
Rama Devi Sahu
156 days ago
अयोध्या के राजा दशरथ के पास वैभव, पराक्रम और प्रजा का प्रेम सब कुछ था, लेकिन एक गहरी चिंता उन्हें खाए जा रही थी—उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं था। सूर्यवंश का दीपक बुझने की कगार पर था। यज्ञ का संकल्प: राजा दशरथ अपने गुरु महर्षि वशिष्ठ के पास गए और अपनी व्यथा सुनाई। वशिष्ठ जी ने उन्हें 'पुत्रकामेष्टि यज्ञ' करने की सलाह दी और श्रृंगी ऋषि को इस महान अनुष्ठान का नेतृत्व करने के लिए आमंत्रित किया गया। सरयू नदी के तट पर भव्य यज्ञ शुरू हुआ। आहुतियों के साथ मंत्रों का उच्चारण गूँज उठा। अग्निदेव का प्रकट होना: यज्ञ की पूर्णाहुति के समय, स्वयं अग्निदेव हवन कुंड से प्रकट हुए। उनके हाथों में एक स्वर्ण पात्र था जिसमें दिव्य 'खीर' (चरु) भरी थी। अग्निदेव ने राजा दशरथ से कहा, "राजन्! यह देवताओं द्वारा निर्मित प्रसाद है, इसे अपनी रानियों को खिला दें, आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी।" प्रसाद का वितरण: राजा ने अपनी बड़ी रानी कौशल्या को आधा हिस्सा दिया। शेष आधे के दो भाग किए, एक रानी कैकेयी को दिया और दूसरा सुमित्रा को। तीनों रानियों ने श्रद्धापूर्वक उस प्रसाद का सेवन किया। चैत्र नवमी का वो मंगल दिन: समय बीतता गया और चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि आई। दोपहर का समय था, सूर्य अपने शिखर पर था और मौसम न अधिक गर्म था न ठंडा। पुनर्वसु नक्षत्र के प्रभाव में माता कौशल्या के गर्भ से नील वर्ण, कमल नयन और चतुर्भुज रूप में साक्षात् भगवान विष्णु प्रकट हुए। जब माता ने उस दिव्य रूप को देखा, तो वे विस्मित रह गईं। तब प्रभु ने बालक का रूप धरा और अपनी किलकारियों से महल को गूँजा दिया। पूरी अयोध्या में उत्सव मनाया गया, गंधर्वों ने गीत गाए और आकाश से पुष्पों की वर्षा हुई। यह केवल एक राजा का जन्म नहीं था, बल्कि अधर्म के विनाश के लिए धर्म के रक्षक का अवतरण था। जय श्री राम 🙏🙏

Comments (3)

Rama Devi Sahu
Mar 27, 2026
नौमी भौम बार मधुमासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा॥ जेहि दिन राम जनम श्रुति गावहिं। तीरथ सकल जहाँ चलि आवहिं॥ भावार्थ- चैत्र मास की नवमी तिथि मंगलवार को अयोध्या में यह चरित्र प्रकाशित हुआ। जिस दिन राम का जन्म होता है, वेद कहते हैं कि उस दिन सारे तीर्थ वहाँ (अयोध्या में) चले आते हैं जन्में है राम रघुरईया अवध में बाजे बधाईया 😊🙏जय जय श्रीराम🙏😊

Rama Devi Sahu
Mar 27, 2026
🙏🏹 Jai Shree Ram 🏹🙏Aap or Aap ke Pure Parivar ko Shree Ram Navami or Ram Janmotsav ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Shubha Ratri Jii 🌹🌹

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Mar 27, 2026
मंगल भवन है मंगल हारी, द्रव्य उस दशरथ अजर बिहारी जय श्री राम मां जानकी मैया आशीर्वाद कृपा से सदेव प्रकाशमय प्रगतिशील आनंदमय खुशियों से परिपूर्ण रहे। 🙏🎄🙏🎄🎄🎄🥀🥀
