
Rama Devi Sahu
124 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 28 अप्रैल 2026* *⛅दिन - मंगलवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - वैशाख* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - द्वादशी शाम 06:51 तक तत्पश्चात् त्रयोदशी* *⛅नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी रात्रि 10:36 तक तत्पश्चात् हस्त* *⛅योग - व्याघात रात्रि 09:04 तक तत्पश्चात् हर्षण* *⛅राहुकाल - दोपहर 03:39 से शाम 05:16 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 05:56* *⛅सूर्यास्त - 06:53 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:28 से प्रातः 05:12 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:59 से दोपहर 12:50 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:02 से मध्यरात्रि 12:46 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - परशुराम द्वादशी, भौमप्रदोष व्रत, त्रिपुष्कर योग (प्रातः 05:56 से शाम 06:51 तक)* *🌥️विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🌷 *आर्थिक परेशानीया कर्जा हो तो* 🌷 ➡ *28 अप्रैल 2026 मंगलवार को भौम प्रदोष योग है ।* 🙏🏻 *किसी को आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो भौम प्रदोष योग हो, उस दिन शाम को सूर्य अस्त के समय घर के आसपास कोई शिवजी का मंदिर हो तो जाए और ५ बत्ती वाला दीपक जलाये और थोड़ी देर जप करें :* 👉🏻 *ये मंत्र बोले :–* 🌷 *ॐ भौमाय नमः* 🌷 *ॐ मंगलाय नमः* 🌷 *ॐ भुजाय नमः* 🌷 *ॐ रुन्ह्र्ताय नमः* 🌷 *ॐ भूमिपुत्राय नमः* 🌷 *ॐ अंगारकाय नमः* 👉🏻 *और हर मंगलवार को ये मंगल की स्तुति करें:-* 🌷 *धरणी गर्भ संभूतं विद्युत् कांति समप्रभम |* *कुमारं शक्ति हस्तं तं मंगलम प्रणमाम्यहम ||* 🌷 *वैशाख मास की महापुण्यप्रद अंतिम तीन तिथियाँ* 🙏🏻 *श्रुकदेवजी राजा जनक से कहते हैं : ‘‘राजेन्द्र ! वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में जो अंतिम तीन पुण्यमयी तिथियाँ हैं – (29 अप्रैल से 01 मई तक) त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा । ये बडी पवित्र व शुभकारक हैं । इनका नाम ‘पुष्करिणी है, ये सब पापों का क्षय करनेवाली हैं । पूर्वकाल में वैशाख शुक्ल एकादशी को शुभ अमृत प्रकट हुआ । द्वादशी को भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की । त्रयोदशी को उन श्रीहरि ने देवताओं को सुधा-पान कराया । चतुर्दशी को देवविरोधी दैत्यों का संहार किया और पूर्णिमा के दिन समस्त देवताओं को उनका साम्राज्य प्राप्त हो गया ।* 🙏🏻 *इसलिए देवताओं ने संतुष्ट होकर इन तीन तिथियों को वर दिया : ‘वैशाख की ये तीन शुभ तिथियाँ मनुष्यों के पापों का नाश करनेवाली तथा उन्हें पुत्र-पौत्रादि फल देनेवाली हों ।* 🙏🏻 *जो संम्पूर्ण वैशाख में प्रातः पुण्यस्नान न कर सका हो, वह इन तिथियों में उसे कर लेने पर पूर्ण फल को ही पाता है । वैशाख में लौकिक कामनाओं को नियंत्रित करने पर मनुष्य निश्चय ही भगवान विष्णु का सायुज्य प्राप्त कर लेता है ।* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩 🙏
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