
Rama Devi Sahu
165 days ago
*आज का सुविचार* ****************** मटमैले पानी में भला चाँद कहाँ दिखेगा, जब तक मन का शोर है, वो भगवान कहाँ दिखेगा। तू नशे में चूर है अपनी ही हस्ती के ऐ मुसाफिर, उतर जाए ये खुमारी 'मैं' की, तो हर जगह वही दिखेगा।" होश में कौन है?"दुनिया एक अजीब मधुशाला है, जहाँ हर कोई किसी न किसी नशे में चूर है। किसी को पद की अकड़ है, तो किसी को धन का गुमान। कोई अपने रूप पर इतराता है, तो कोई अमीरी के नशे में अंधा है। यहाँ तक कि मोह और ममता के नशे ने भी इंसान को बाँध रखा है।ताज्जुब तो ये है कि जिसे हम 'होश' कहते हैं, वो भी एक नशा ही है। परमात्मा का दीदार तो उसे होता है जो इन तमाम नशों को उतार कर, उस एक 'रचनाकार' के प्रेम में फकीर हो जाता है।" 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Mar 18, 2026
Aap ka Comment Dekh kr Bahut khus laga, Bhakti krte raho or Bhagwan ki Naam lete raho, Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Ratri Jii 🌹 Apne Khayal Rakhna 🌹

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Mar 18, 2026
सुंदर प्रवचन सुनकर आज का दिन समाप्त करना सबसे अच्छा तरीका है। राधे-राधे शाम रमाजी आपको धन्यवाद शेयर करने के लिए 🙏
